फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: शीतलहर ने बढाई गलन, हल्की धूप के बाद भी ठिठुरन

Sun, 31 Dec 2023 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
नगर में अलाव से ठंड दूर करने का प्रयास करते लोग
विज्ञापन
-अधिकतम पारे में चार तो न्यूतनम में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई
विज्ञापन

-तीन दिन बाद सूरज के हुए दर्शन, साल के पहले दिन नहीं मिलेगी राहत
देवरिया। शीतलहर से बढ़ी ठंड व गलन ने साल के अंतिम दिन रविवार को जिलेवासियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। अधिकतम पारे में चार तो न्यूतनम में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई। दोपहर दो बजे के बाद कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली लेकिन फिर भी गलन से राहत नहीं मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 11 डिग्री था, वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 10 डिग्री दर्ज किया गया। लोगों ने हीटर और अलाव तापकर खुद का बचाव किया।
रविवार एवं अधिक ठंड होने से अन्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर भीड़भाड़ भी कम रही। ठंड व गलन को देखते हुए लोगों ने बाहर निकलने से परहेज किया। मार्निंग वॉक करने वालों की संख्या में भी कमी आने लगी है। ऐसे लोग जो बीपी, सुगर, हर्ट से पीड़ित हैं, चिकित्सक उन्हें घर में ही रहने की सलाह दे रहे हैं। बीआरडीपीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ. उदयभान ने बताया कि साल के पहले दिन भी ठंड से राहत नहीं मिलेगी। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ फसलों के अनुकूल तो कुछ के लिए हानिकारक है मौसम
दिन प्रतिदिन बढ़ रही ठंड और घने कोहरे से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। वहीं रबी की कुछ फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल साबित हो रहा है तो कुछ फसलों के लिए हानिकारक भी सिद्ध हो रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के कृषि वैज्ञानिक एवं केंद्र के प्रभारी डॉ. मांधाता सिंह ने रविवार को बताया कि यह मौसम गेहूं की फसलों के लिए काफी लाभदायक है। जिन गेहूं की फसलों में सिंचाई के दौरान ज्यादा पानी लग गया होगा उनकी पत्तियां पीली हो रही होगी। किसान यूरिया में मैग्नीशियम सल्फेट दवा यूरिया मिलाकर छिड़काव कर दें। बताया कि सरसों, मसूर, आलू मटर, अरहर आदि तिलहन और दलहन फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल नहीं है। अरहर की फसलों में इस समय फूल लग रहा है। यह मौसम इन फूलों के लिए हानिकारक साबित होगा। किसानों को इसके लिए दवा आदि का छिड़काव करना जरूरी है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें