रुद्रपुर नगर की सड़कों पर फैली गंदगी
नगर में ठेके पर चलने वाली सफाई व्यवस्था दो दिन दिनों से ठप है। सफाई कर्मचारी दिहाड़ी को लेकर हड़ताल पर है। नए शासनादेश के अनुसार दैनिक सफाई कर्मचारियों से एक माह में केवल 26 दिन काम लिया जाएगा। जिसे लेकर सफाई कर्मचारियों में गुस्सा है। उन्होंने हर माह 30 दिन की दिहाड़ी की मांग की है।
नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायतों में ठेके पर चल रही सफाई व्यवस्था दिहाड़ी मजदूरों पर टिकी है। नए शासनादेश में एक मजदूर से केवल 26 दिन काम लेने का प्रावधान है। स्थानीय निकाय को सफाई व्यवस्था में लगे सफाई कर्मचारियों को एक दिन की 259 रुपये न्यूनतम मजदूरी देने का निर्देश दिया गया है। एक महीने में एक सफाई कर्मचारी को 6774 रुपये से अधिक का भुगतान नहीं होगा। प्रदेश के सयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार सफाई व्यवस्था का ठेका लेने वाली फर्म को नगर पंचायत निर्धारित दर पर ही मजदूरी का भुगतान करेगा। ऐसे में नई दर पर भुगतान होने से एक सफाई कर्मचारी से सिर्फ 26 दिन ही काम लिया जा सकता है।
रुद्रपुर नगर में सफाई व्यवस्था में करीब 75 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। सफाई कर्मचारियों की महीने की आमदनी तय होने के बाद उन्हें 26 दिन से अधिक का काम नहीं मिल पा रहा है। इस बात को लेकर सफाई कर्मचारियों ने दो दिन से काम बंद कर दिया है। नगर में दो दिन से कूड़ा नहीं उठने से चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। नगर पंचायत अध्यक्ष छट्ठे लाल निगम ने सफाई व्यवस्था की कमान संभाल रही फर्म को नगर में सफाई कार्य तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। इस बाबत नगर की सफाई व्यवस्था देख रही फर्म के प्रबंधक करुणानिधान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जायज नही है। फर्म शासनादेश के अनुसार काम करने को मजबूर है। सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो दूसरी व्यवस्था की जाएगी।