शाम के वक्त कटौती से ज्यादा दिक्कत, शिकायत पर निगम के जिम्मेदार नहीं उठाते हैं फोन
देवरिया। जेठ की दोपहरी हो या शाम बिजली कटौती ने शहरवासियों को खासा परेशान कर रखा है। 24 घंटे में बिजली छह से आठ घंटे तक मिल रह रही है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। लोकल फॉल्ट के नाम पर जब-तब कटौती जा रही है। यही नहीं लो वोल्टेज होने से भी लोगों को भारी कठिनाई उठानी पड़ रही है। शाम के वक्त सर्वाधिक पेरशानी होती है। शहरवासी जब इसकी शिकायत के लिए निगम के जिम्मेदारों को कॉल करते हैं तो उनका फोन नहीं उठता है। ऐसे में लोग मन मारकर समस्या झेलने को मजबूर हैं। वहीं सिविल लाइंस राघव नगर जैसे पॉश इलाके में शहर के अन्य मोहल्लों की तुलना में कम बिजली जाती है। हालांकि सिविल लाइंस में भी मंगलवार को सात से आठ बार आधे-एक घंटे के लिए लाइट आती-जाती रही।
शहर के रामगुलाम टोला के अमित, कृष्ण कुमार बताते हैं कि दिन में बिजली कई बार आती जाती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोड बढ़ जाता है। कटौती का कोई शेड्यूल नहीं है। 24 घंटे में मिलाकर छह से आठ घंटे तक बिजली नहीं रहती है। मंगलवार को भी यही स्थिति रही। ऐसे में भीषण गर्मी में झेल जाना पड़ता है। कई बार तो इनवर्टर भी बैठ जाता है। ऐसे में मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाता। लाइट जाने के कारण दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। उन्होंने बताया कि जैसे ही मोहल्लों में एसी चलने लगता है वैसे ही वोल्टेज कम हो जाता है। शाम होते-होते यह समस्या और गंभीर हो जाती है। दोनोपुर के रहने वाले इमरान, प्रमोद के अनुसार दिन भर में छह सात बार बिजली आती जाती है। कई बार लोकल फॉल्ट के नाम पर घंटों आपूर्ति बाधित रहती है। रामगुलाम टोला, रामनाथ देवरिया, सोमनाथ नगर, रघवापुर आदि कॉलोनियों में भी बिजली कटौती के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
मंगलवार को सिविल लाइंस, न्यू कॉलोनी आदि कॉलोनियों में लोकल फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या के चलते बिजली कई बार आई गई। आलम यह रहा कि एक घंटे में चार से पांच बार लाइट कटी। सोमवार को सिविल लाइंस एरिया में फीडर में आई खराबी के कारण पूरे दिन लाइट आती जाती रही। हालांकि सिविल लाइंस में अधिकारियों का कार्यालय, आवास, मेडिकल कॉलेज आदि होने के कारण आमतौर पर यहां आपूर्ति ठीक रहती है। रामलीला मैदान स्थित बिजली घर में रविवार को केबल ब्लास्ट हो जाने के कारण करीब छह-सात घंटे बिजली कटी रही। शाम तक फॉल्ट दुरुस्त होने के बाद से आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे रामलीला मैदान और राघव नगर के आसपास के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। राघव नगर के सुमित बरनवाल, संतोष चौरिसया ने बताया कि आमतौर पर बिजली उनकी तरफ ठीक रहती है। लेकिन आए दिन फॉल्ट होने और उसके बाद रूटीन कटौती के नाम पर लाइट काट दी जाती है। इससे भीषण गर्मी में झेल जाना पड़ता है।
साढ़े तीन एमयू है शहर की आपूर्ति
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता राम सेवकराम के अनुसार शहर में बिजली की खपत साढ़े तीन एम यू (मेगा वाट) है। निगम के अधिकारी मानते हैं कि शहर में खपत के सापेक्ष आपूर्ति पर्याप्त है। लेकिन जब भी गर्मी बढ़ती है तो लोड में अचानक वृद्धि हो जाती है। ऐसे में कभी कभी ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते हैं या केबिल ब्लास्ट हो जाता है। इससे लोकल फॉल्ट की समस्या आती है।
शहर में दो जगह बढ़ेगा ट्रांसफार्मर का लोड
शहर में रेलवे माल गोदाम के पास 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। इसके अलावा कठिनइया में 25 केवीए के ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाकर 63 केवीए किया जाना है। अगर इन स्थानों पर लोड बढ़ा दिया गया तो इससे शहरवासियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। इसके अलावा रामपुर कारखाना के मुंडेरा लाला में भी 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। बरहज के पैना में भी ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाकर 250 केवीए किया जाना है। सलेमपुर के पिंडी में भी ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाया जाना है।
तारों के नहीं बदलने से भी परेशानी रीवैंप योजना के तहत जिला मुख्यालय के 25 किलोमीटर जर्जर तार और 35 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जानी थी। दिसंबर में ही यह हो जाना था लेकिन फरवरी में एक कंपनी ने निविदा ली है। हालांकि अभी तक जर्जर तारों को बदलने का काम नहीं शुरू किया जा सका है। इस योजना के तहत एल्युमिनियम के तारों की जगह केबिल लगाए जाने हैं। इससे बिजली चोरी भी रुकेगी और दुर्घटना की आशंका भी नहीं रहेगी।
ये कॉलोनिया हैं सर्वाधिक प्रभावित
सिंधी मिल कॉलोनी दानोपुर रामनाथ देवरिया
रामगुलाम टोला कठिनइया -
शहर को चार बिजली घरों से होती है आपूर्ति
रामलीला मैदान भटवलिया पूरवा
नाथ नगर
बिजली कटौती का कोई समय नहीं रह गया है। दिनभर में सात- आठ घंटे लाइट कटी रहती है। लोकल फाल्ट होने पर चार-छह घंटे बिजली नहीं आती। इससे दिनचर्या प्रभावित होती है। कटौती का कोई शेड्यूल नहीं है।
बिंदु, गृहिणी, रघवापुर
-
इस भीषण गर्मी में पूरे दिन भर लाइट आती जाती रहती है। इससे झेल जाना पड़ता है। शाम को लो वोल्टेज की समस्या से बहुत दिक्कत होती है। न बच्चे पढ़ पाते हैं न पंखे-कूलर चलते हैं। खाना बनाते समय गर्मी से भीग जाना पड़ता है।
सोनम, गृहिणी, सोमनाथनगर
राघव नगर में आमतौर पर बिजली ठीक रहती है। लेकिन लोड बढ़ने पर जब फॉल्ट होता है तो झेल जाना पड़ता है। रविवार को भी रामलील मैदान स्थित बिजली घर में खराबी आ गई थी।
संतोष चौरसिया, कपड़ा व्यापारी
-
मंगलवार को दोपहर बारह बजे तक छह सात बार लाइट आई और गई। हर दिन यही स्थिति रहती है। 24 घंटे में सात-आठ घंटे बिजली गुल रहने से भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गर्मी में झेल जाना पड़ रहा है।
दुर्गेश पटेल, सिंधी मिल कॉलोनी
-
शहर में दो जगहों पर ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाया जाएगा। इससे लोड बढ़ने पर दिक्कत नहीं आएगी। बिजली आपूर्ति खपत के सापेक्ष पूरी है। जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता