लार सीएचसी में शिशु की मौत के बाद पहुंची पुलिस।संवाद
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कुशीनगर जिले के लार में इलाज के दौरान बच्चे की मौत से नाराज परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगा मंगलवार की दोपहर में लार सीएचसी में हंगामा किया। यह देखकर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इससे करीब डेढ़ घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज परिजनों को शांत कराया और आरोपी पुरुष स्टाफ नर्स को हिरासत में लेकर थाने पहुंची।
लार थाना क्षेत्र के खेमादेई निवासी दिनेश यादव के बेटे शिवम यादव (एक वर्ष) को बुखार हुआ था। उसका इलाज सीएचसी लार में चल रहा था। मंगलवार को भी परिजन उसे इलाज के लिए जेई वार्ड में लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, बिना डॉक्टर को जानकारी दिए वार्ड में तैनात पुरुष स्टाफ नर्स ने शिवम को इंजेक्शन लगा दिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
यह देख परिजनों ने डॉक्टर को बुलाने को कहा। उसने बिना डॉक्टर को बुलाए अपने अनुसार चार और इंजेक्शन लगा दिए। उसके बाद बच्चा बेहोश हो गया। फिर आरोपी खुद सीपीआर करने लगा। यह देख परिजनों ने आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर बच्चे के गंभीर होने की जानकारी दी। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी होते ही परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जेई वार्ड में हंगामा कर दिया।
घटना की जानकारी पर पहुंचे नगर चौकी इंचार्ज नंदा प्रसाद ने नाराज परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद आरोपी पुरुष स्टाफ नर्स को हिरासत में ले लिया। दूसरी ओर, घटना की जानकारी पर पहुंचे सीओ देव आनंद ने परिजनों से जानकारी ली। एसओ नवीन चौधरी ने बताया कि बच्चे की मौत की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर प्रभारी चिकित्साधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि बच्चे की तबीयत पहले से खराब थी। उसका इलाज चल रहा था। पर्ची पर लिखे इंजेक्शन को स्टाफ नर्स ओमप्रकाश ने लगाया था। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। अस्पताल आए मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है।
डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही ओपीडी
बच्चे की मौत के बाद हंगामा होने से अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। मामले में हस्तक्षेप के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी डॉक्टरों से ली। वहीं कुछ डॉक्टर स्वास्थ्य कर्मी के बचाव में थाने तक पहुंच गए। ऐसे में अस्पताल आए मरीजों को इलाज के लिए डेढ़ घंटे से अधिक देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल आए सभी मरीजों का इलाज किया गया है।