केंद्र सरकार के रीवैंप्ड (पुनरोत्थान वितरण योजना) के पहले चरण में 403 करोड़ रुपये से जोन की बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इससे जोन के लगभग 22 लाख उपभोक्ताओं को सीधे फायदा मिलेगा।
जोन के आठ लाख कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर भी लगेंगे। बिजली घरों में कंडक्टर बदले जा रहे हैं। इससे आगामी गर्मी में उपभोक्ताओं को एचटी लाइन का फाल्ट नहीं सताएगा। सभी वितरण खंडों के उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।
केंद्र सरकार की रिवैंप्ड के तहत गोरखपुर जोन के विभिन्न वितरण खंडों में सिस्टम सुधार के लिए 403 करोड़ रुपये पहले चरण में आवंटित हुए है। पूर्वांचल एमडी कार्यालय वाराणसी ने कुछ दिन पहले ही टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक कंपनी को जिम्मेदारी सौपी है। इस कंपनी के इंजीनियर जनवरी में पहले सप्ताह में सर्वे का कार्य शुरू करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि जनवरी-23 के अंतिम सप्ताह से रिवैंप्ड के तहत होने वाले कार्य शुरू होंगे। पांच चरण में सिस्टम सुधार के कार्य होंगे। इसके पहले चरण में सभी 16.50 लाख कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाकर बिलिंग सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा। 33 केवी व 11 केवी लाइन के तार बदले जाएंगे। इसके साथ ही 10 केवीए से लेकर 100 केवीए तक ट्रांसफार्मर पर कैपिसिटर बैंक लगेंगे।
वितरण खंडों के अभियंताओं का कहना है कि एचटी लाइन के कंडक्टर बदल जाने से आए दिन होने वाले फाल्ट से राहत मिलेगी।
जोन के वितरण मंडलों में यह कार्य होंगे
| वितरण मंडल |
स्मार्ट मीटर |
एचटी लाइन के कंडक्टर बदले का कार्य |
आर्मड केबल लगाने का कार्य |
| गोरखपुर |
5.34 लाख |
177 किमी |
3300 किमी |
| देवरिया |
3.88 लाख |
94.3 किमी |
3400 किमी |
| कुशीनगर |
3.09 लाख |
68 किमी |
1574 किमी |
| महराजगंज |
3.77 लाख |
47 किमी |
796 किमी |
गोरखपुर जोन मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि नए वर्ष में रीवैंप्ड शुरू हो जाएगा। 2023 अंत तक इसे खत्म किया जाना है। काम पूरा होने के बाद बिजली व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होगा। उम्मीद है फर्म महीने के अंत तक आकर काम करना शुरू कर दे।