सिवान जिले के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की घटना के बाद देवरिया के पत्रकारों में रोष है। पत्रकारों ने राघव नगर में बैठक कर घटना की सीबीआई जांच कराने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। पत्रकारों ने सोमवार को घटना के विरोध में काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला और डीएम और एसपी ज्ञापन देने का निर्णय लिया।
वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर राव ने कहा कि इन घटनाओं का मुकाबला पत्रकारों को एकजुट होकर करना होगा। इस घटना से हम सभी मर्माहत हैं। उन्होंने बिहार सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये देने की मांग की। पत्रकार राकेश धर द्विवेदी ने कहा कि यह घटना दुखद है। ग्रापए के जिलाध्यक्ष पवहारी शरण राय ने कहा कि यह सामान्य घटना नहीं है। यह पत्रकारिता के लिए चुनौती है। इससे निपटने के लिए कुछ करना होगा। बैठक में पत्रकार राबी शुक्ला, वाचस्पति मिश्र, उमेश शुक्ला, पवन मिश्र, बृजेश शर्मा, विनोद तिवारी, त्रिपुरेश त्रिपाठी, राम प्रताप सिंह, सुधाकर पांडेय, अंबरीश मणि, सचिंद्र सिंह, सुनील सिंह, मुकेश मिश्र, अनिल राय, आसिफ इकबाल समेत तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
इसके अलावा जिले के विभिन्न संगठनों ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। हिंदू युवा वाहिनी के मीडिया प्रभारी मृत्युंजय गुड्डू पहलवान ने एक बयान में कहा कि बिहार में जंगल राज का दूसरा अध्याय शुरू हो गया है। भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ के प्रेमशंकर पांडेय ने भी घटना पर दुख प्रकट किया। पेंशनर्स कल्याण संस्था ने चौथे स्तंभ पर हमले की निंदा की। ग्राम प्रधान संगठन के उमाशंकर श्रीवास्तव, ऋषिकेश यादव, राघवेंद्र तिवारी ने भी तीखी नाराजगी जताई। भटनी में पत्रकार राम नवल सिंह, केके तिवारी, इंदूशेखर मिश्र, अमिताभ, संपूर्णानंद, धनंजय पांडेय आदि ने शोक प्रकट किया।