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नियम विरूद्ध पेंशन देने के मामले में कई फंसे

Tue, 17 May 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
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पेंशन
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संग्रह अमीनों को नियम विरूद्घ तरीके से पेंशन देने के मामले में जिले के कई अफसर और कर्मचारी फंस गए हैं। शासन और राजस्व परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। पांच एसडीएम, तीन तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और तीन कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। 
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वर्ष 2007 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने संग्रह अमीनों को हाईकोर्ट के आदेश पर नियमित किया। इनमें 15 संग्रह अमीन ने पेंशन संबंधी मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने पिछले साल 22 जुलाई को वादी ब्रह्मानंद सिंह और अन्य को दो सप्ताह के भीतर प्रत्यावेदन आयुक्त, सचिव राजस्व परिषद लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही आयुक्त, सचिव राजस्व परिषद को चार सप्ताह के भीतर प्रत्यावेदन के निस्तारण का आदेश दिया। राजस्व परिषद के निर्देश पर डीएम ने संबंधित एसडीएम को नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। संबंधित एसडीएम ने 11 संग्रह अमीनों का पेंशन नियम विरूद्घ तरीके से स्वीकृत कर दिया। चार अन्य संग्रह अमीनों को पेंशन का लाभ देने की कार्रवाई चल रही थी। राजस्व परिषद ने नियम विरूद्घ तरीके से पेंशन देने को गंभीरता से लिया और डीएम को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

डीएम ने जनवरी में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी से जांच कराई। जिसमें पांच एसडीएम, तीन तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और छह कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। जांच अधिकारी ने गलत तरीके से पेंशन जारी करने का दोषी पाया। डीएम ने अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी संस्तुति रिपोर्ट राजस्व परिषद को भेज दिया। राजस्व परिषद ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जबकि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
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