भटनी के जिगिना दीक्षित गांव स्थित गोशाला। स्रोत जागरूक पाठक
भटनी। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन के साथ-साथ गोवंश की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। जिगिना दीक्षित गांव स्थित गोशाला में ठंड से बचाव के लिए समुचित व्यवस्थाएं न होने के कारण गोवंश ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड से बचाव के लिए किए गए प्रयास कम पड़ जा रहे हैं। गोशाला के अध्यक्ष ने प्रशासन से मदद की मांग की है। भटनी के जिगिना दीक्षित गांव स्थित छोटी गंडक नदी तट पर अनाथ गो आश्रम है। अध्यक्ष मुकेश दीक्षित अपने भाइयों व अन्य लोगों के साथ मिलकर यहां पशुओं की देखभाल करते है। इन दिनों कड़ाके की ठंड में रात के समय तापमान गिरने पर गोवंश को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई पशु कमजोर और बीमार भी नजर आ रहे हैं।मुकेश ने बताया कि शासन स्तर से गोशालाओं के संचालन और देखभाल के लिए बजट उपलब्ध कराया जाता है, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर सुविधाओं का अभाव सवाल खड़े कर रहा है।
उन्होंने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से गोशाला में त्वरित रूप से अलाव, बिछावन, तिरपाल और पशु चिकित्सकीय देखरेख की व्यवस्था कराने की मांग की है। पशु चिकित्साधिकारी भटनी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि गोशाला पर समय-समय पर पशुओं का जांच और उपचार किया जाता है।