देवरिया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने ग्राहकों से जमा करीब 23.09 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों पर 15 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि वर्ष 2020 से अप्रैल 2023 के बीच ग्राहकों के रुपये अलग-अलग खातों में भेजकर हड़प ली गई। जांच दरोगा सोनेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
प्राथमिकी में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश निवासी पच्छू, पोस्ट हिसुआ, नवादा बिहार, एकता कुमारी व निरंजन कुमार निवासी पच्छू, पोस्ट हिसुआ, नवादा बिहार, रमेश कुमार कुशवाहा निवासी गड़वा धरमपुर सलेमपुर, परमानंद यादव निवासी गड़वा मिश्र सलेमपुर और अनुराग गोंड उर्फ सोनू निवासी टीचर कॉलोनी सलेमपुर को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक के उच्च अधिकारियों से शिकायत और जांच के बाद भी पुलिस स्तर से कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अदालत की शरण ली।
लार थाना क्षेत्र के बरईटोला रावतपार पांडेय निवासी गणेश चौरसिया ने तहरीर में कहा कि वह वर्ष 2012 से सोहनाग रोड सलेमपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से संबंधित ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे।
अगस्त 2020 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश से रुपये जमा-निकासी के सिलसिले में पहचान हुई। आरोप है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश का हवाला देकर अमित ने बैंक परिसर में ग्राहक सेवा केंद्र का काम कराने को कहा। इसके बाद ग्राहकों से एकत्र रकम उनकी देखरेख में बैंक कार्यालय बंद होने के बाद जमा की जाने लगी।
तहरीर के अनुसार, 17 अगस्त 2020 से अलग-अलग तारीखों में जमा रकम अमित ने अपनी पत्नी एकता कुमारी, सहयोगी निरंजन कुमार और परमानंद यादव समेत अन्य खातों में भेजनी शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद रकम अमित के बैंक खाते, संयुक्त खाते और अन्य खातों में ट्रांसफर की गई। अप्रैल 2023 तक ग्राहकों के करीब 23.09 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे जाने का आरोप है। ग्राहकों की रकम खातों में नहीं पहुंचने पर बैंक स्टाफ और सर्वर की गड़बड़ी बताकर बात टालने का भी आरोप लगाया गया है।