अमर उजाला फॉलोअप
पिता, चालक और उसकी पत्नी पर हत्या का केस दर्ज
मृतक की पत्नी नम्रता शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने की कार्रवाई
एसपी और सीओ सिटी ने पकड़े गए आरोपियों से की पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ऋषिकेश उर्फ शेरू शर्मा की हत्या के मामले में पिता, चालक और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। मृतक की पत्नी नम्रता शर्मा की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से एसपी और सीओ सिटी ने पूछताछ की। फरार चल रहे चालक की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
सदर कोतवाली के लंगड़ी देवरिया निवासी ऋषिकेश उर्फ शेरू शर्मा की शुक्रवार की रात अमेठी मंदिर के पास फर्नीचर की दुकान में कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी गई। शनिवार की सुबह सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। देर शाम को परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। रविवार को मृतक की पत्नी नम्रता शर्मा ने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि ससुर उपेंद्र शर्मा ने चालक कमलेश यादव और उसकी पत्नी सुनैना देवी के साथ मिलकर हत्या की है। हालांकि, पुलिस ने शनिवार को ही ससुर उपेंद्र और चार सहयोगियों को हिरासत में ले लिया था। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। रविवार को एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र कोतवाली पहुंचे। उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी लोगों से बारी-बारी पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय ने कोतवाली पहुंचकर महिला आरोपियों से घटना के बारे में पूछताछ की। अपर पुलिस अधीक्षक शिष्यपाल ने बताया कि मृतक की पत्नी नम्रता शर्मा की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। फरार चल रहे गौरीबाजार के मुकुंदपुर गांव निवासी चालक कमलेश यादव की तलाश की जा रही है।
अवैध संबंध और जमीन बनी हत्या की वजह
मृतक की पत्नी ने तहरीर में लगाए हैं आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पिता उपेंद्र के अवैध संबंध और जमीन बैनामा करने का विरोध करना ऋषिकेश की हत्या की वजह बन गई। नाराज पिता ने सो रहे बेटे को मौत के घाट उतार दिया।
मृतक की पत्नी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि ससुर उपेंद्र का अवैध संबंध चालक कमलेश यादव की पत्नी सुनैना से है। ससुर जमीन उसी को बैनामा करना चाहते थे। पति इसका विरोध करते थे। इसी को लेकर आएदिन विवाद की स्थिति उत्पन्न होती थी। नम्रता का कहना है कि तीनों ने मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद वे लोग भाग भी गए थे। शनिवार की सुबह जानकारी होने पर हम लोग वहां गए। तीन मासूम बच्चों, पिता, सास, दोनों ननद और अन्य लोगों के साथ कोतवाली पहुंची नम्रता पति की मौत से व्यथित थीं। हिरासत में लिए गए हत्यारोपी पिता उपेंद्र के चेहरे पर बेटे के नहीं रहने का गम नहीं है। वह बार-बार यही कह रहा है कि बेटा प्रताड़ित कर रहा था, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।