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Deoria News: दरोगा की तहरीर पर दोनों पक्षों से सात पर हत्या की कोशिश का केस

Sat, 09 Aug 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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राजकुमारी शुक्ला और बगल में बैठी सास अमरावती शुक्ला
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संवाद न्यूज एजेंसी
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खुखुंदू। क्षेत्र के चकिया शुक्ल गांव में जमीन के विवाद को लेकर चल रही तनातनी अब हत्या की कोशिश के मामले तक पहुंच गई है। हल्के के दरोगा मनीष सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पक्षों के सात लोगों पर शुक्रवार को हत्या की कोशिश और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जबकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। इससे विवाद और बढ़ गया।
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जानकारी के अनुसार, चकिया शुक्ल गांव में राधेश्याम शुक्ला और पुरुषोत्तम शुक्ला पक्ष के बीच दरवाजे पर स्थित डीह की जमीन पर शौचालय निर्माण को लेकर करीब तीन सप्ताह से विवाद चल रहा है।
इस दौरान कई बार कहासुनी और मारपीट हो चुकी है। आरोप है कि राधेश्याम शुक्ला की पत्नी राजकुमारी शुक्ला (45) पर मंगलवार और फिर बृहस्पतिवार को दो बार जानलेवा हमला हुआ था।
मंगलवार को हुए विवाद में राजकुमारी पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी थी, मगर पुलिस ने मामूली मारपीट बताकर दोनों पक्षों का सिर्फ चालान कर दिया। आरोप है कि चालान के बाद छूटकर आने पर बृहस्पतिवार की सुबह फिर से दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई।
इस दौरान राजकुमारी को दरवाजे से उठाकर ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। घटना के बाद राजकुमारी की सास अमरावती शुक्ला ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने स्वयं वादी बनकर केस दर्ज किया। दरोगा मनीष सिंह की तहरीर पर राधेश्याम शुक्ला पक्ष से राजकुमारी शुक्ला, चाची स्नेहलता शुक्ला, सास अमरावती शुक्ला और दूसरे पक्ष से पुरुषोत्तम, उनकी पत्नी मुन्नी शुक्ला, बेटी नेहा शुक्ला और प्रीति शुक्ला पर हत्या की कोशिश सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस पुरुषोत्तम पक्ष से तीन और राधेश्याम पक्ष से एक महिला को हिरासत में ली है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। इधर, राजकुमारी शुक्ला का आरोप है कि मंगलवार को हुई घटना में अगर पुलिस ने उनकी तहरीर पर केस दर्ज कर लिया होता तो शायद बृहस्पतिवार को दोबारा हमला नहीं होता।
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उसका कहना है कि विवाद शुरू होने से अब तक स्थानीय पुलिस ने उनके पक्ष की अनदेखी की है। हमले का एक वीडियो भी वायरल हुआ, फिर भी पुलिस ने दोनों पक्षों पर ही केस दर्ज किया है।
गांव के कुछ लोगों का कहना है कि पहले पुलिस ने तहरीर पड़ने के बावजूद केस दर्ज नहीं किया।
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