नवजात का शव मिलने के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं
बघौचघाट। नवजात का शव मिलने के नौ दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस प्रकरण को रफा-दफा करने में जुटा है। जिन नर्सिंग होम्स में रोज मरीज भर्ती रहते हैं, उसे स्वास्थ्य विभाग गोदाम बता रहा है।
नवजात का शव मिलने के मामले में दो लोगों ने पुलिस को तहरीर भी दी है, लेकिन अब तक पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर सकी है। 22 जनवरी की दोपहर तेनुवा नदी से फेंके गए नवजात को कुत्ते नोच रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो पानी में डूबने से नवजात की मौत की पुष्टि हुई। सेमरी निवासी अजित राय ने तहरीर दी कि नवजात को किसी नर्सिंग होम से लाकर फेंका गया है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता करुणेश राय ने भी तहरीर दी, लेकिन नौ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाए स्वास्थ्य विभाग से मिलकर मामले को दबाने में लगी हुई है। वहीं सूत्रों की मानें तो नवजात बिहार प्रांत के विजयीपुर क्षेत्र की एक महिला का है। उसका गर्भपात कस्बे के एक निजी नर्सिंग होम में हुआ और दाई के सहयोग से कथित डॉक्टर ने नवजात को तेनुवा नदी में फेंकवा दिया। क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयस त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।