समाप्त हो चुका अस्तित्व, पोखरी से कब्जा हटवाना प्रशासन के लिए चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरदेवा। नवसृजित नगर पंचायत पथरदेवा क्षेत्र की छह पोखरियों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिससे उसका अस्तित्व समाप्त हो चुका है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष को पोखरी से कब्जा हटवाना चुनौती होगी।
सात ग्राम पंचायतों को मिलाकर पथरदेवा नगर पंचायत बनाया गया है। इसमें कागज में पोखरे हैं। इसमें 14 में से छह पोखरी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। पथरदेवा-छितौनी मार्ग पर एक पोखरा है, जिस पर अतिक्रमण किया जा रहा है। नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष क्रांति सिंह के घर के सामने पुराने पोखरा के चारों तरफ से मिट्टी भरकर अवैध कब्जा किया गया है। पथरदेवा बाजार के लोगों का कहना है कि पथरदेवा क्षेत्र में 14 पोखरा हैं। बरसात के दिनों में बारिश का पानी उन पोखरी में जमा होता था। पर छह में आसपास के लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। उपजिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि पोखरी व खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।