देवरिया। बिहार बाॅर्डर के नजदीक होने के चलते देवरिया जिले में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।
जांच एजेंसियों ने यहां असम और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाली गांजे की खेप पकड़ी है, जो गोरखपुर, बस्ती और आसपास के जिलों तक पहुंचाई जा रही है। वहीं बिहार में शराब तस्करी का धंधा भी देवरिया से ही संचालित हो रहा है।
गांजा तस्करी के लिए जिले का लार क्षेत्र इस नेटवर्क का अहम ट्रांजिट प्वाइंट बनकर उभरा है। यहां पहले भी एसटीएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) संयुक्त कार्रवाई कर बड़े पैमाने पर गांजा बरामद कर चुकी है। पिछले महीने ही एसटीएफ और नारकोटिक्स ब्यूरो की संयुक्त टीम ने लार, सलेमपुर और बरहज में फैले नेटवर्क को खंगाला था। उस वक्त दो संदिग्धों की इस मामले में गिरफ्तारी भी हुई थी।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि तस्कर असम से ट्रक, कंटेनर और अन्य मालवाहक वाहनों के जरिए गांजे की खेप बिहार होते हुए देवरिया तक पहुंचाते हैं।
यहां से छोटे वाहनों और निजी कारों के माध्यम से गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर तथा अन्य जिलों में आपूर्ति की जाती है। खेप को रास्ते में कई हिस्सों में बांट दिया जाता है, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके।
दो साल पहले भी लार क्षेत्र में एसटीएफ और नारकोटिक्स ब्यूरो के संयुक्त छापा में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था। इस कार्रवाई के बाद देवरिया के इस रूट की भूमिका पहली बार खुलकर सामने आई थी। इसके बाद पुलिस और विशेष शाखा की निगरानी बढ़ाई गई मगर तस्करों ने तरीके बदल लिए। बरहज और देवरिया शहर के कई युवकों की गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि स्थानीय स्तर पर कुछ युवक कमीशन के लालच में तस्करों के लिए कैरियर का काम कर रहे हैं।