देवरिया। पूर्व आईजी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी को उनकी पार्टी के पदाधिकारियों ने असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
पूर्व आईजी की तत्काल रिहाई के लिए पार्टी ने राष्ट्रपति एवं उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को डाक से ज्ञापन भेजा है।
भेजे ज्ञापन में आजाद अधिकार सेना के देवीपाटन मंडल के अध्यक्ष मंगल गिरी ने लिखा है कि 9 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि लखनऊ पुलिस ने पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार थे। उन्होंने कहा कि अमिताभ ठाकुर ने जेल में मुलाकात के दौरान उन्हें बताया कि वह कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड को लेकर साक्ष्यों सहित उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने वाले थे, तभी उन्हें ट्रेन से उतार लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथ ही आरोप लगाया कि कफ सिरप कांड से जुड़े साक्ष्य फाइल को जला दिया गया ताकि वह उन्हें अदालत में पेश न कर सकें।
उन्होंने कहा कि 19 दिसंबर 2025 को अमिताभ ठाकुर को देवरिया से वाराणसी कोर्ट में पेशी के लिए जिस पुलिस वैन में ले जाया गया, उसका बीमा 31 मार्च 2018 को ही समाप्त हो चुका था और फिटनेस भी 12 नवंबर 2021 को समाप्त हो चुकी थी। पार्टी ने इसे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश बताते हुए इसकी भी जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की साजिश में कई बड़े स्तर के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है।