देवरिया। शहर को जाम से राहत देने वाली बहुप्रतीक्षित बाईपास परियोजना भूमि विवाद में उलझकर रह गई है। बैतालपुर के सिरजम से लेकर सोनूघाट के आगे मुंडेरा बुजुर्ग तक लगभग 21.6 किमी लंबे फोरलेन बाईपास पर 1734.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण प्रस्तावित है।
अगस्त में कार्य शुरू हुआ था, लेकिन मुआवजे को लेकर किसानों की आपत्तियों के चलते अब प्रगति धीमी हो गई है। कई गांवों के किसानों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। डीएम इस मामले में आर्बिट्रेटर हैं।
यह बाईपास ईंटवा, गुड़री, बैतालपुर, बांसपार बुजुर्ग, परसिया, भीमपुर, गौरा, परसियां भंडारी, पगरा, अहिरलवार सहित कई गांवों से होकर गुजरेगा।
इसके बन जाने पर गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और शहर को जाम व प्रदूषण से काफी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ मानते हैं। सोनूघाट, सुकरौली और मुंडेरा क्षेत्र में बाजार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन यह सारी कवायद भूमि संबंधी विवाद के चलते सुस्त हो जा रही है। प्रशासन अभी तक जमीनों का विवाद खत्म नहीं करा पाया है। अब बड़ी संख्या में किसान हाईकोर्ट चले गए हैं।
इस बाईपास के जमीन अधिग्रहण के विरोध में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। बैतालपुर के विश्वनाथ मणि, सुकरौली के अजय कुमार सिंह और पड़री मल्ल के किसानों ने सरकार पर सर्किल रेट से कम भुगतान करने का आरोप लगाया। वहीं मुंडेरा बुजुर्ग के किसानों ने कहा कि कम जोत वाले काश्तकारों को अधिक नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीनें उपजाऊ होने के साथ ही शहरी क्षेत्र के भी नजदीक हैं, ऐसे में उन्हें अधिक मुआवजा मिलना चाहिए, जबकि सरकारी निर्धारित दर से भी कम मुआवजा दे रही है।
बाईपास से जुड़ेगा अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन
शहर में जाम की दूसरी बड़ी वजह मालगोदाम है। वहां से निकलने वाले ट्रकों की वजह से हर दिन शहर के कसया ढाले पर जाम लगता है। बाईपास सड़क शहर के नजदीक स्थित अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन के पास से गुजरेगा। बाईपास बनने पर मालगोदाम को भी अहिल्यापुर स्टेशन के पास ले जाने की योजना है। रेलवे के अफसर इस प्रस्ताव पर चर्चा भी कर चुके हैं। बाईपास, निर्माण में सुस्ती ने इस परियोजना पर भी ब्रेक लगा रखा है।