बार बेंच की बैठक में मौजूद तहसील के अफसर।
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सलेमपुर। अफसरों और वकीलों के बीच चल रही तकरार बुधवार को खत्म हो गई। बार और बेंच के बीच हुई वार्ता में नायब तहसीलदार ने वकीलों से माफी मांग ली। एसडीएम राजेश प्रसाद त्रिपाठी ने वकीलों की अन्य मांगें भी मान ली। खतौनी का तय रेट 15 रुपये की बजाय 20 रुपये की वसूलने का मुद्दा उठाया तो अफसरों ने अलग से विचार करने को कहा।
नायब तहसीलदार भटनी डॉ. संजीव राय और एक वकील के बीच कोर्ट में 27 जुलाई को प्राइवेट मुंशी को लेकर कहासुनी हो गई थी। नायब तहसीलदार ने बार कौंसिल में शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी थी।
इससे नाराज वकीलों ने नायब तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार कर दिया। गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्यालयों में तैनात प्राइवेट वर्कर्स को हटाने की मांग पर अड़ गए। अफसरों ने बीच में कई बार वकीलों से वार्ता के लिए प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। बार और बेंच के बीच अधिवक्ता हाल में बैठक हुई।
जिसमें नायब तहसीलदार ने अपनी गलती का एहसास करते हुए खेद प्रकट किया। एसडीएम ने आफिस टाइम में प्राइवेट मुुंशियों से काम नहीं लेने का आश्वासन दिया। जरूरत पड़ने पर आफिस टाइम के बाद इनसे काम लेने की बात कही। बैनामे के बाद खारिज दाखिल के लिए कराई जा रही जांच अब लेखपालों से नहीं होगा। आवेदनकर्ता को एक घंटे के अंदर खतौनी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान बार तहसीलदार राहुल देव भट्ट, राहुल गुप्ता, एसोसिएशन अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र, रामनरायण लाल श्रीवास्तव, मंत्री विष्णुदत्त पांडेय, गोपालजी पांडेय, रत्नेश श्रीवास्तव, सुधांशु तिवारी, चंद्रभूषण तिवारी, बैजनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।