सबसे अधिक परेशानी घाघरा की बाढ़ में फसें लोगों को है।
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बरहज। घाघरा सोमवार को खतरे के लाल निशान 66.50 से 65 सेमी ऊपर 67.15 मीटर पर प्रवाहित हो रही थी। सोमवार से नदी के जल स्तर मेें पांच सेमी की बढ़त हुई है। उधर राप्ती के जलस्तर में भी वृद्धि जारी है। दोनों नदियों का जलस्तर काफी ऊपर बहने से तटवर्ती गांवों के ग्रामीण बाढ़ के पानी से परेशान है। सबसे अधिक परेशानी घाघरा की बाढ़ में फसें लोगों को है।
बाढ़ ने लोगों को घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। राप्ती के पानी से भदिला प्रथम, धनयाकुंद महाल व घाघरा से विशुनपुर देवार के तेरह टोले के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। बड़े नांव से तो बच्चे ट्युब के सहारे घरों से निकल रहे हैं। यह सभी गांव पूरी तरह मैरूंड बने हुए है।
कपरवार से सटे गोरखपुर जिले के पटना गांव के पास रामजानकी मार्ग पर घाघरा का पानी सीधे टकराते हुए निचले गांवों की ओर फैल रहा है। नदी बगल के गांव पवहरिया में तेजी से कटान कर रही है। कटान से सबसे अधिक क्षति कपरवार संगम तट से लेकर कटईलवां गांव के पश्चिमी किनारे की जमीनों को है।