बरहज (देवरिया)। पुराना बरहज वार्ड नंबर-23 निवासी अर्जुन वर्मा स्वर्ण व्यवसायी स्व.रमाकांत वर्मा का बेटा है। पिता की मौत के बाद दुकान टूट गई। काम सीखने गोरखपुर गए अर्जुन पर स्थानीय थाने में तीन से अधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह गलत सोहबत में आकर अपराधी बन गया। अर्जुन अंशिका सिंह के गिरोह का सदस्य था। गोरखपुर में पकड़े जाने की जानकारी होने पर मोहल्ले के लोग हतप्रभ हैं।
पुराना बरहज वार्ड नंबर-23 निवासी अर्जुन वर्मा पिता की मौत के बाद जीविका की तलाश में गोरखपुर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि जहां वह मशहूर ब्लैकमेलर अंशिका सिंह के साथ कार्य करने लगा। हालांकि बरहज थाने में उसके ऊपर साल 2019 में धोखाधड़ी और साल 2022 में अवैध शराब तस्करी मामले में प्राथमिकी दर्ज है। वार्ड के लोगों का कहना है कि अर्जुन मोहल्ले का अच्छा लड़का था, लेकिन गलत संगत में पड़ जाने के कारण वह अपराधी बन गया। थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि अर्जुन के खिलाफ 2019 में दो और 2022 में एक प्राथमिकी दर्ज है।
इंसेट में-
ज्वेलरी की दुकान चलाते थे पिता, संपन्न था परिवार
पुराना बरहज निवासी स्व. रमाकांत वर्मा ज्वेलरी की दुकान चलाते थे। जिससे परिवार खुशहाल था। लोगों के अनुसार पिता रमाकांत के निधन के बाद अर्जुन दुकान नहीं चला सका। जरूरत पूरी करने के लिए उसने जरायम की राह अपना लिया। गोरखपुर में हुए बेटे की गिरफ्तारी से मां राधिका अनभिज्ञ हैं। जबकि मोहल्ले के लोगों में तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।