अनुबंधित बसों के अधिग्रहण की तैयारी शुरू
पहले ही निगम की 38 बसें चुनाव कराने जा चुकी हैं बाहर, 30 और बसों की व्यवस्था करने की हुई है मांग
मई व जून में भी रोडवेज यात्रियों को नहीं मिलने वाली है राहत, खुद के वाहनों पर करें भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लोकसभा चुनाव के लिए अनुबंधित बसों के भी अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में निगम के अधिकारियों के पास आदेश भी चुका है। जरूरत पड़ने पर इन बसों को भी चुनावी ड्यूटी में भेजा जा सकता है। ऐसे में डिपो की बसों से प्रतिदिन यात्रा करने वाले 28 से 30 हजार यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। इस दौरान जिले के लाेगों को कहीं आना-जाना होगा तो दस बार सोचना पड़ेगा।
जनपद में सातवें चरण में एक जून को मतदान होना है। इसकी अधिसूचना सात मई को जारी होगी। नामांकन 14 मई तक किया जा सकेगा। शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी दिन रात एक इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। पोलिंग पार्टियों को बूथों पर पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था अभी से की जा रही है।
प्रदेश के अन्य जगहों कई चरणों में हो रहे मतदान के लिए पहले चरण से ही देवरिया डिपो की 38 बसों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से 30 और अच्छी कंडीशन वाली बसों की मांग की गई है, हालांकि, निगम की बसों की संख्या कम होने और अधिकांश बसों के 10 लाख किमी से अधिक चल जाने से कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। इसमें गर्मी के मौसम में तकनीकी खराबी आने की आशंका ज्यादा है। ऐसे में बसों का प्रबंध करने में रोडवेज के अधिकारियों के सामने कठिन चुनौती उत्पन्न गई है।
दिक्कतों के समाधान के लिए नहीं है कोई वैकल्पिक योजना
रोडवेज के अधिकारियों ने अगले माह उत्पन्न होने जा रही समस्या के समाधान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। 30 बसों के पहले ही बेड़े से बाहर चले जाने से दिल्ली रूट पर संचालन बंद कर दिया गया है। कानपुर पांच व लखनऊ रूट पर चार, वाराणसी व प्रयागराज के लिए एक-एक बसें भेजी जा रही हैं। 30 और बसों की मांग आ जाने के बाद शेष बची निगम की बसों में से ही मरम्मत कर भेजने की तैयारी है। इधर, अनुबंधित बसों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने के आदेश से लोकल रूटों पर दिक्कतें ज्यादा बढ़ेंगी।
डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि बसों की कमी के चलते दिल्ली रूट पर पहले ही सेवा बंद कर दी गई है। अन्य बसों के भी चले जाने से कानपुर, लखनऊ, बनारस, प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को ट्रेन से यात्रा या खुद वाहन का इंतजाम करना होगा। बसों के चुनाव कराकर वापस आने पर ही पुन: संचालन व्यवस्था पूर्ववत हो पाएगी।
हर दिन 28 से 30 हजार यात्री जाते हैं अपने गंतव्य तक
देवरिया डिपो में निगम की 67 एवं अनुबंधित 129 बसें हैं। सामान्य दिनों में हर दिन इन बसों से 28 से 30 हजार यात्री टिकट कटाकर यात्रा करते हैं। निगम की आय भी प्रतिदिन 20 से 22 लाख रुपये के बीच औसतन रहती है। चुनाव में बसों को जाने पर निगम को घाटा नहीं बल्कि यह उसके लिए फायदे का ही सौदा है। आयोग की ओर से एक दिन का बसों का किराया 27 हजार रुपये मिलेगा।
स्पीकअप
दिल्ली रूट पर पहले ही बस बंद कर दी गई है। वहां जाने वालों को कई जगह बस बदलकर जाना पड़ रहा है। अनुबंधित बसें भी नहीं चलाएंगे तो यात्री यात्रा कैसे करेंगे। निगम को यात्री हित में वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए।
-महेश कुमार, यात्री
रोडवेज परिसर में पहले ही बसें कम हो गई हैं। पिछले 15 दिनों से यात्रियों को परेशानी हो रही है। चुनाव भी जरूरी है, लेकिन यात्रियों को परेशानी न हो। परिवहन निगम को इसका ध्यान रखना चाहिए।
-धनंजय कुशवाहा, यात्री
कोट
अनुबंधित बसों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा। इस संबंंध में आयोग की ओर से सूचित कर दिया गया है। इस संबंध में अनुबंधित बस स्वामियों को बता दिया गया है। पहले ही 38 बसें बाहर चली गई हैं। और बसों की मांग की गई है। अनुबंधित बसों का भी अधिग्रहण कर लिए जाने से यात्रियों को दिक्कत होना स्वाभाविक है।
-मो.इरफान, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
कोट
चुनाव संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से वाहनों की मांग पर इसका इंतजाम किया जा रहा है। वाहन स्वामियों को अधिग्रहण का नोटिस उनके घर भेजा जा रहा है। अनुबंधित बस स्वामियों को भी नोटिस जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इन बसों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा।
-आशुतोष शुक्ला, एआरटीओ