देवरिया। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने शनिवार को सदर ब्लॉक के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। बच्चों की अनुपस्थिति, साफ-सफाई समेत कई कमियां मिलीं। इस पर तीन स्कूलों के नौ शिक्षकों का वेतन बाधित कर दिया। दो शिक्षा मित्रों का मानदेय भी रोक दिया। खंड शिक्षा अधिकारी सदर को कार्य में लापरवाही पर चेतावनी दी। बीएसए ने कमियों को तीन दिन के अंदर दुरुस्त कर रिपोर्ट देने के निर्देश बीईओ को दिए। बीएसए सुबह करीब आठ बजे प्राथमिक विद्यालय परसिया मिस्कारी पहुंचे। यहां 63 बच्चों का नामांकन मिला। सिर्फ दो बच्चे स्कूल आए थे। एमडीएम नहीं बना था। प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंकिता सिंह आकस्मिक अवकाश पर थीं। रसोइया तारा देवी व सुमित्रा देवी अनुपस्थित मिलीं। स्कूल का शौचालय गंदा था। परिसर में घास उगी थी टोल फ्री नंबर भी अंकित नहीं था।
इस बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापिका और दो शिक्षकों का वेतन रोक दिया। वहीं दो शिक्षा मित्र व दोनो रसोइयों का मानेदय भी अग्रिम आदेश तक रोक दिया। बीएसए ने सभी स्टॉफ से कमियों को तीन दिन के अंदर दूर करते हुए स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद बीएसए सुबह करी 9:30 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय परसिया मिस्कारी पहुंचे। निरीक्षण के समय सभी शिक्षक कमरे में बैठे मिले। यहां 30 बच्चे नामांकित हैं। मौके पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। विद्यालय प्रांगण में घास उगी हुई थी। शून्य उपस्थिति और अन्य कमियों के चलते बीएसए ने स्कूल में कार्यरत शिक्षिका पूर्णिमा कुशवाहा और सुधीर कुमार तिवारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। बीएसए करीब 11 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय सुविखर का निरीक्षण किया। स्कूल में नामांकिन 93 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ दो बच्चे स्कूल में उपस्थित थे। इन्हें कोई शिक्षक नहीं पढ़ा रहा था। सभी शिक्षक कमरे में बैठे थे। यह विद्यालय तालाब के किनारे स्थित है, बच्चों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण नहीं कराया गया था और न ही रैंप व किचन बना था।
ऑपरेशन कायाकल्प के प्रति इच्छाशक्ति की कमी पाए जाने पर बीएसए ने सभी चार शिक्षकों स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रतिभा तिवारी, सहायक अध्यापिका पूनम त्रिपाठी, रोहनी मिश्रा, सहायक अध्यापक नवनाथ मौर्य का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करते हुए एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। संवाद