उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 16 सूत्रीय मांगो को लेकर शनिवार को बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शन करते हुए शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
शिक्षकों ने समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
शिक्षक नेताओं ने 4600 और 4800 ग्रेड पे पर न्यूनतम वेतन 17140 और 18150, अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों का जीपीएफ कटौती, पुरानी पेंशन प्रणाली से आच्छादित करने, बीमा राशि पांच लाख रुपये करने, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रारंभ करने, सेवा अवधि 65 वर्ष करने समेत 16 समस्याओं को रखा।
जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भारती ने कहा कि प्रांतीय संगठन ने इन समस्याओं को शासन के समक्ष कई बार रखा, लेकिन शासन की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो लखनऊ में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
जिला मंत्री और प्रदेशीय प्रचार मंत्री विजय कुमार सिंह ने कहा कि इतिहास इस बात की गवाही देता है कि जब-जब शिक्षकों ने हुंकार भरी है, शासन-प्रशासन की चूलें हिल गई हैं।
यदि प्रदेश सरकार नहीं चेती तो उसे गंभीर परिणाम भुगतान पड़ेगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह कहा कि शिक्षकों ने सांगठनिक शक्ति के बल पर उपलब्धियों को हासिल किया है।
आज सरकार शिक्षकों की सुविधाओं में कटौती कर रही है। संघ के संरक्षक श्याम नारायण मिश्र ने कहा कि संगठन की बदौलत हम अपनी हर मांग मनवा लेंगे।
बीएसए कार्यालय पर धरने के बाद सभी शिक्षक सिविल लाइंस में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। सीएम को संबोधित 16 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया गया।
इस दौरान गोविंद सिंह, अवनीश दीक्षित, राघवेंद्र वीर शाही, चंद्रशेखर सिंह, मनोज सिंह चंदेल, संजीव दुबे, लालकृष्ण सिंह, उमेश दीक्षित, विंध्याचल यादव, प्रियरंजन राय, अनिल मिश्र, आनंदेश्वर सिंह, तेजेंद्र मोहन सिंह समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।