खनुआ नदी पर नहीं बन सका है पक्का पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। क्षेत्र में खनुआ नदी के चखनी घाट पर पक्का पुल न होने से हर दिन लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। लोग यहां से बांस-बल्ली के बने पुल से आने-जाने के लिए विवश हैं।
यहां के लोग करीब दो दशकों से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए यहां कई बार धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है। लोगों ने बताया कि चखनी घाट पर पुल बन जाए तो सुविधाओं से वंचित 50 गांव विकास के मुख्य धारा से जुड़ जाएंगे।
भटनी के रायबारी गांव स्थित चखनी घाट पर पक्का पुल बनाने को करीब दो दशकों से मांग चल रही है। पुल निर्माण के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन हुए। मुख्यमंत्री व अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इसके अलावा हर बार यहां चुनाव में नेताओं द्वारा इसके निर्माण कराने की बात कही जाती है। लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
यहां पुल नहीं होने से यूपी व बिहार के पचास गांवों के लोग 20 किमी घूमकर भटनी व बिहार के भोरे आदि जगहों पर आवागमन करते हैं। दस वर्ष पूर्व गांव के लोगों ने यहां श्रमदान कर बांस-बल्ली का पुल बनाया और यात्रा करने लगे। बरसात के दिनों में खनुआ नदी उफनाती है तो पुल बह जाता है। ऐसे में लोग नाव को सहारा बनाकर अपने गंतव्य को जाते हैं। इसके चलते हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
मौजूदा विधानसभा के शीत सत्र में भाटपाररानी के भाजपा विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने यहां पक्का पुल बनाने को जरूरी बताकर सदन में आवाज बुलंद की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक को यहां पुल बनवाने को आश्वासन भी दिया है। इसकी जानकारी पर इससे प्रभावित करीब 50 गांवों के लोग खुशी से झूम उठे। उनको अब पक्के पुल से यात्रा की उम्मीद जगी है।
इनसेट में
प्रयास हो तो रेलवे के पिलर पर बन सकता है पुल
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट हथुआ-भटनी रेल परियोजना निरस्त हो गई है। लेकिन चखनी घाट पर खनुआ नदी रेलवे का पिलर बनकर तैयार है। परियोजना निरस्त के बाद रेलवे के पिलर खराब हो गए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर रेलवे से अनुमति ले ली जाए तो यहां कम खर्चे में पुल बन सकता है।
चखनी घाट पर लगता है मेला, जुटते है हजारों लोग
चखनी घाट पर दीपावली के आसपास करीब एक महीने का मेला लगता है। जहां कृषि से जुड़े व लकड़ी के लगभग सभी समान मिलते हैं। मेले में खरीदारी करने यूपी व बिहार के हजारों लोग कठिनाइयों का सामना कर पहुंचते हैं। लोगों ने बताया कि पुल बनने से यहां मेला और व्यापक पैमाने पर लगेगा और बड़ी संख्या में लोग आसानी से यहां पहुंचकर खरीदारी करेंगे। इससे क्षेत्र का विकास होगा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बांस-बल्ली के बने पुल से स्कूल जाते हैं बच्चे
भटनी। चखनी घाट पर खनुआ नदी पर लोगों ने बांस-बल्ली का पुल बनाया है। लोगों ने बताया कि बिहार प्रांत के सैकड़ों बच्चे इसी लकड़ी के पुल से होकर स्कूल जाते हैं। वहीं, बरसात के मौसम में बच्चों के सामने नाव ही सहारा होती है। इसके चलते हमेशा बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है। इसके अलावा महिलाएं व बुजुर्गों को भी लकड़ी के पुल से गुजरने में हमेशा दिक्कत होती है।
चखनी घाट पर पक्का पुल बनाने को विधायक ने सदन में उठाई आवाज
खनुआ नदी पर यहां पक्का पुल बनवाने के लिए क्षेत्रीय विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने विधान सभा में आवाज उठाई है। इससे यूपी व बिहार के 50 गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी। विधायक ने चुनाव के समय इस पुल को बनवाने का क्षेत्र के लोगों से वादा किया था।