नारायणपुर में पलिया छपरा तटबंध पर बोल्डर पिचिंग में दरार और बोल्डर धसने से बना गड्ढा
रुद्रपुर। पलिया-छपरा बांध पर नारायणपुर गांव के पास 453.10 लाख रुपये की लागत से कराए गए सुरक्षात्मक कार्य के गुणवत्ता की पोल पहली बारिश में ही खुल गई।
शनिवार की रात हुई मूसलधार बारिश से बोल्डर पिचिंग जगह-जगह धंस गया। कार्य की गुणवत्ता को लेकर पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने निर्माण कार्य की जांच कराकर गुणवत्ता प्रभावित करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
नारायणपुर में गोर्रा नदी के किनारे बने पलिया-छपरा तटबंध पर करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत से कटान रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग कराया गया है।
यहां गोर्रा नदी साल दर साल गांव को छोटा कर रही है। नारायणपुर में कई मकानें कटकर नदी में विलीन हो चुकी है। गांव के पूर्वी छोर पर मंदिर और गांव को बचाने के लिए बोल्डर पिचिंग का एक माह पहले कार्य पूर्ण किया गया था।
शनिवार को रातभर हुई बारिश से बोल्डर पिचिंग पर जगह-जगह दरार दिखने लगी।
कई जगह बोल्डर धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पूर्व विधायक खोखा सिंह ने कहा कि आनन-फानन मकाम कराकर सिंचाई विभाग ने सरकारी धन को पानी में डूबा दिया। काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया।