महादान अभियान, आइए करें रक्तदान
अमर उजाला की ओर से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आयोजन आज
अमरउजाला ब्यूरो
देवरिया। विश्व रक्तदाता दिवस पर 14 जून रविवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर अमर उजाला फाउंडेेशन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सुबह आठ बजे से आयोजित शिविर का शुभारंभ डीएम अमित किशोर फीता काटकर करेंगे। समारोह में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा जीएन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक पांडेय, सीएमएस डॉ. छोटेलाल आदि की मौजूदगी रहेगी।
रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा पूरे साल रक्तदान का आयोजन किया जाता है। इसमें विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून, कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई, एक अक्टूबर स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर खास आयोजन होता है। कोरोना के संक्रमण के बावजूद भी लोगों में रक्तदान को लेकर उत्साह हैं। भारतीय रेडक्रॉड सोसायटी के सचिव अखिलेंद्र शाही का कहना है कि रक्तदान को जीवन दान कहा जाना गलत नहीं है। क्योंकि इस तरह आप बिना कुछ गंवाए किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब, रेडक्रॉस के सदस्यों से मेरी अपील है कि रक्तदान जरूर करें। व्यापार मंडल के मंत्री विवेक कमानी का कहना है कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं है। मेरी व्यापारियों, मारवाड़ी समाज के लोगों से अपील है कि विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान जरूर करें। दवा कारोबारी अमितेश तिवारी का कहना है कि लोगों के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान जरूरी है। मेरी लोगों से अपील है कि रक्तदान बिना किसी संकोच के करें। इसके कई फायदे हैं। हिंदु युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष मुन्ना राय का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिविर में हर साल मैं रक्तदान करता हूं। इस वर्ष भी करूंगा। मेरी जिले के सभी कार्यकर्त्ताओं से अपील है कि रक्तदान करने जरूर आएं। रोटरी क्लब के अध्यक्ष उपेंद्र शाही ने कहा है कि एक यूनिट रक्तदान से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सभी सदस्यों से रक्तदान करने की अपील की है।
इनका रहेगा सहयोग
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान के लिए 50 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। रक्तदान में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, रोटरी क्लब, हिंदु युवा वाहिनी का महत्वपूर्ण सहयोग है।
यहां कराएं पंजीकरण
यदि आप रक्तदान कर यादगार बनाना चाहते हैं तो देवरिया मेेें विनोद तिवारी के ह्वाट्सएप नंबर 9675897416 पर, कुशीनगर में उदयभान त्रिपाठी के ह्वाट्सएप नंबर 9956973056, महराजगंज में संजय पांडेय के ह्वाट्सएप नंबर 8542064665 पर मैसेज भेजकर पंजीकरण करा सकते हैं। कुशीनगर में पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय परिसर में व महराजगंज के जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक कार्यक्रम का आयोजन है। रक्तदान करने वालों की फोटो प्रकाशित की जाएगी।
आपकी रक्तदान से चलती हैं इनकी जिंदगी की सांसें
ट्रक चालक एक 20 वर्ष दूसरा 15 वर्ष का बेटा बीमारी से जूझ रहे
दो माह में थैलेसीमिया पीड़ितों को 50 यूनिट से अधिक दिया गया रक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आपके रक्त से दूसरे को नया जीवन मिलता है। हमारे बीच आज ऐसे भी लोग हैं जिनकी सांसों की डोर आपके रक्तदान पर टिकी है। जिले में वैसे तो थैलेसीमिया बीमारी से करीब 28 बच्चे पीड़ित हैं। जिन्हें जिंदा रहने के लिए 20 से 25 दिन पर एक यूनिट रक्त की जरूरत होती है। एक ट्रक चालक के दो बेटे हैं दोनों इसी बीमारी से 20 वर्षों से जूझ रहे हैं। रक्त देने के सवाल पर अपने भी बेगाने हो गए, लेकिन रक्तदानियों के सहयोग से इनकी सांसें चल रही हैं।
पथरदेवा ब्लॉक के सिधावे गांव निवासी ट्रक चालक कन्हैया लाल के दो बेटे संदीप (20) और विवेक (15) हैं। इसके अलावा इनकी दो बेटियां माया और पुष्पा हैं। दोनों बेटों को जन्म के बाद थैलेसीमिया हो गया। बचपन से ही दोनों को रक्त की जरूरत पड़ने लगे। एसजीपीजीआई से रक्त के लिए इनका रजिस्ट्रेशन हुआ। 20 दिन पर दोनों को एक यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है। इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे दोनों बच्चों को लेकर कुनबा बहुत ही चिंतित रहता है, लेकिन रक्तदाताओं की वजह से दोनों भाई अपनी जिंदगी जी रहे हैं। पिता को शुगर है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि जिले में करीब 32 थैलेसीमिया के मरीज हैं, जिनको लॉकडाउन में 50 यूनिट से अधिक रक्त दिया गया है। इनका कार्ड भी एसजीपीजीआई से जारी हुआ है।
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थैलेसीमिया के कारण
महिलाओं एवं पुरुषों के शरीर में मौजूद क्रोमोजोम खराब होने से माइनर थैलेसीमिया हो सकता है। दोनों क्रोमोजोम खराब हो जाएं तो यह मेजर थैलेसीमिया भी बन सकता है। महिला और पुरुष में क्रोमोजोम में खराबी होने की वजह से उनके बच्चे के जन्म के छह महीने बाद शरीर में खून बनना बंद हो सकता है। इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से खत्म होने लगती हैं।
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थैलेसीमिया के लक्षण
शिशु के विकास में रुकावट, थकान, कमजोरी, शिशु के नाखून और जीभ पीले पड़ना, बच्चे के जबड़े और गाल का असामान्य होना, अपनी उम्र से छोटा लगना, चेहरा सूखा हुआ रहना, वजन का न बढ़ना, सांस लेने में तकलीफ होना।
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थैलेसीमिया से बचाव का तरीका
नियमित अपने खून की जांच कराना।
जेनेटिक टेस्ट कराना।
शिशु के जन्म से पहले ही रक्त जांच कराना।
कम वसा, हरी पत्तेदार सब्जियां।
अधिक से अधिक आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन।
नियमित योग और व्यायाम करना।