बीआरडीपीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और भाजपा नेता डॉ. राधेश्याम शुक्ल के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई जिला बदर की कार्यवाही के खिलाफ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं और नेताओं ने डीएम से इस कार्यवाही को तुरंत स्थगित करने की मांग की।
जिलाधिकारी ने प्रकरण का परीक्षण कर निर्णय लेने का भरोसा दिया। भाजपा नेताओं ने कहाकि डॉ. राधेश्याम शुक्ल 1997 से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय हैं। वह भाजपा की कार्यकारिणी के सदस्य, युवा मोर्चा के जिला पदाधिकारी तथा वर्तमान में मंडल प्रभारी देहात (देवरिया) के साथ-साथ जिला संयोजक के रूप में पार्टी में ऊर्जावान भूमिका निभा रहे हैं।
नेताओं ने कहाकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और साजिश के तहत, बिना राधेश्याम शुक्ल का पक्ष सुने अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने 20 जून को गुंडा एक्ट के तहत निरुद्ध कर जिला बदर की कार्यवाही किया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस एकतरफा कार्यवाही से डॉ. शुक्ल के सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, जिससे पार्टी की छवि भी धूमिल करने की कोशिश की गई है।
नेताओं ने डीएम से कहाकि गुंडा एक्ट के तहत की गई इस एकतरफा कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जाए और 20 जून से प्रभावी होने वाली जिला बदर की कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मारकण्डेय तिवारी, बलराम उपाध्याय, विशम्भर मिश्र, रवि पाल, रमेश वर्मा, वरूण तिवारी, अरविन्द गिरि, कमलेश सिंह, रत्नेश गर्ग, अजय उपाध्याय, राजेश, पंकज आदि शामिल रहे।