निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों कार्य बहिष्कार जारी
देवरिया। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को विद्यत कर्मचारी संघर्ष समिति का कार्य बहिष्कार जारी रहा। अधीक्षण अभियंता विद्युत मंडल कार्यालय पर सभी अभियंता, अवर अभियंता व कर्मचारी इसमें शामिल हुए।
समिति के जनपद संयोजक विजय कुमार जायसवाल ने कहा कि सभी को एकजुट होकर सरकार के निजीकरण के फैसले का विरोध करना होगा। रोशन कुमार ने कहा कि निजीकरण होने के बाद निजी कंपनी की ओर से किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता को लागत से कम मूल्य पर बिजली नहीं बेची जा सकेगी। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों पर पड़ेगा। सहसंयोजक अमित प्रताप सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण व्यवस्था को पूर्ण रूप से निजी कंपनियों को सौंपने के बाद पूर्ण उत्तरदायित्व पावर कारपोरेशन का होगा।
विद्युत मजदूर संगठन के सचिव सुनील तिवारी ने कहा कि निजीकरण सरकार की नाकामियों की देन है। इसका असर प्रदेश के बेरोजगारों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पुष्कर उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लिया तो पांच अक्तूबर को पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन होगा। विरोध सभा को गुंजन कुमार, एनके सिंह, मृत्युंजय शाही, वीपी सिंह, बेचन राम, अशोक कुमार, संदीप कुमार, सुधीर यादव, रामप्रवेश, वीरेंद्र कुमार, शशिकांत वर्मा, एनके सिंह, राजेश्वर सिंह, शशांक चौबे, मनीष प्रजापति, मुन्ना कुशवाहा, रामविलास मणि, कोमल यादव, आरके सिंह, सुधीर कुमार, अभिषेक विश्वकर्मा, राकेश गुप्ता, धर्मेंद्र पांडेय, अनुराग पांडेय, राजेश कुमार, केके मौर्या आदि ने भी संबोधित किया।