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पेराई सत्र का 40 करोड़ दबाए बैठी है मिल प्रबंधन

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बैठक करते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : amar ujala
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देवरिया। भारतीय किसान यूनियन और चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति की बैठक रविवार को सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर हुई। 12 फरवरी को होने वाले धरना प्रदर्शन के सफलता की रणनीति बनाई गई। 
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भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में देवरिया में बंद पड़ी एक चीनी मिल को चालू कराने का वादा किया था, लेकिन एक भी चीनी मिल को चालू नहीं कराया जा सका। इसके लिए चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का करीब दो माह से धरना भी चल रहा है। जिले की इकलौती चीनी मिल प्रतापपुर ने पेराई सत्र का एक भी रुपये का भुगतान किसानों को नहीं किया है। उस पर किसानों का पेराई सत्र का करीब 40 करोड़ रुपये बाकी है। इससे किसान परेशान हैं। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही ने कहा कि 12 फरवरी को जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, हरीराम मणि त्रिपाठी, विनोद गुप्ता, दरोगा यादव, श्यामदेव राय, सुरेंद्र चौहान, मनीष, रविप्रताप पांडेय, मारकंडेय सिंह, कैलाश यादव, रामकरन चौहान आदि मौजूद रहे।  


चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का धरना जारी
देवरिया। चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का कलेक्ट्रेट में चल रहा धरना 59 वें दिन जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की बदहाली का माखौल उड़ाने वाली भाजपा सरकार को लोकसभा चुनाव में उखाड़ फेंकने की जरूरत है। वादा करने के चार वर्ष बाद भी बैतालपुर की बंद पड़ी चीनी मिल को चालू नहीं कराया जा सका। इस दौरान रामप्रकाश सिंह, बरकत अली, अनिल चौहान, हंसनाथ यादव, राजेश मणि, अनवर अहमद, रामजी निषाद आदि मौजूद रहे।
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