देवरिया। होली का त्योहार आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। केमिकलयुक्त रंगों से सचेत रहें। इसका प्रयोग नुकसानदेह होता है। वहीं खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पकवान के अधिक सेवन से पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है। साथ ही दूषित व बासी खाद्य पदार्थ के सेवन से इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। सांस, अस्थमा व एलर्जी के मरीजों को बचाव के साथ रंग खेलने की जरूरत है।
होली के त्योहार पर हर्बल रंगों व गुलाल का प्रयोग करने की जरूरत है। केमिकलयुक्त व कांच के छोटे कणयुक्त रंग व गुलाल का इस्तेमाल करना नुकसानदेह होता है। केमिकलयुक्त रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए ऐसे रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इन रंगों के इस्तेमाल से शरीर पर लाल दाने निकल सकते हैं। शरीर में खुजली या जलन हो सकती हैं। थोड़ी सी लापरवाही से एलर्जी और त्वचा पर दाग बनने लगेंगे। ग्रीस, मिट्टी आदि से होली खेलने पर आंखों को नुकसान हो सकता है। हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत है। तला व मसालेदार पकवानों का अधिक सेवन न करें, इससे पाचन तंत्र बिगड़ सकता है और बदहजमी, उल्टी-दस्त हो सकता है। होली खेले और पकवानों का आनंद लें, लेकिन संयम के साथ।