टंकी निर्माण पर बवाल, जेई-एई और मजदूर घायल
बंजरिया बाजार। तरकुलवा थाना क्षेत्र के रामपुर धौताल गांव में शुक्रवार की सुबह ओवरहेंड टैंक (पानी की टंकी) निर्माण पर ग्रामीणों और जल निगम के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई, एई, ठेकेदार समेत मजदूरों पर लाठी-डंडा, राड से हमला कर दिया। सूचना पर पहुंची चार थानों की पुलिस ने लाठी चटकाकर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है। उधर, एई रजनीश जायसवाल की तहरीर पर दस नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गांव में सन्नाटा है। घटना की जानकारी होने पर सदर एसडीएम और सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
विकास खंड पथरदेवा के रामपुर धौताल गांव में कब्रिस्तान से सटे डेढ़ एकड़ बंजर भूमि है। इस भूमि पर जल निगम को ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है। इसका ग्रामीण करीब एक सप्ताह से विरोध कर रहे है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में जलनिकासी की व्यवस्था पहले की जाए, इसके बाद ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जाए। 6 मार्च को जल निगम कुछ कर्मचारी व मजदूर रामपुर धौताल गांव पहुंचे थे और जेसीबी से नींव की खुदाई करने लगे। इस पर ग्रामीणो ने विरोध करते हुए कार्य को रोक दिया। सात मार्च को पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी रामपुर धौताल पहुंचे। ग्रामीणों ने नींव को पाट दिया। शुक्रवार को एक बार फिर से जल निगम के जेई विवेकानंद, एई रजनीश जायसवाल व ठेकेदार सूरज गुप्ता सहित मजदूर निर्माण के लिए पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। गांव के लोगों पहले जल निकासी की व्यवस्था करने के बाद ही टैंक निर्माण की मांग करने लगे। जबकि दूसरी मजदूरों ने कार्य शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और हंगामा होने लगा। कुछ ही देर मामला मारपीट में तब्दील हो गया। ग्रामीणों ने ठेकेदार, मजदूरों और जल निगम के कर्मचारियों की लाठी,डंडे से पिटाई शुरू कर दी और ईंट पत्थर फेंकने लगे। ठेकेदार का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर घायल हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा देख कर किसी तरह मजदूर और अभियंताओं ने भाग जान बचाई। बेकाबू भीड़ को देख कर जल निगम के जेई ने आला अफसरों को सूचना दी। मौके पर तरकुलवा, बघौचघाट और महुआडीह थाने की पुलिस पहुंच गई। हंगामा कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज कर खदेड़ दिया। एसडीएम सौरभ सिंह व सीओ निष्ठा उपाध्याय तहसीलदार आनंद नायक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गांव में तनाव को देखते पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और बवाल करने वाले संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। जबकि घायल मजदूरों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जबकि दूसरी हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को छोड़ने के लिए सपा नेता थाने पहुंच कर पुलिस पर दबाव बनाने में जुटे रहे। सीओ सिटी ने बताया की जेई की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बवाल के पीछे पंचायत चुनाव तो नहीं!
विरोध के पीछे पंचायत चुनाव बताया जा रहा है। एक ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार ने एक वर्ग विशेष को गलत सूचना देकर भड़का दिया। धार्मिक आयोजन में सैकड़ों लोग एकत्रित थे सूचना पाकर अधिकारियों एवं मजदूरों पर टूट पड़े। जमकर पथराव और मारपीट हुई। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। एक सपा नेता भी पूरे मामले को हवा देकर राजधानी चले गए।