बैरक की हुई सघन तलाशी, नहीं मिला कोई आपत्तिजनक वस्तु
देवरिया। गौरीबाजार प्रभात इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक दुर्गेश विश्वकर्मा से जेल में बंद बदमाश विवेक सिंह द्वारा रंगदारी मांगने के मामले में जेल में पिछले दो दिनों से एक-एक बंदियों के सामनों की तलाशी कराई गई, लेकिन कोई मोबाइल बरामद नहीं हो सका है। उधर, कारोबारी से जो युवक बात कराने आया था, उसकी पहचान कराने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है।
तकरीबन डेढ़ वर्ष पूर्व कस्बा निवासी बेकरी व्यवसायी योगेश कुमार जायसवाल की 18 मार्च 2019 को शातिर अपराधी विवेक सिंह निवासी इंदूपुर एवं साथ आए मन्नू यादव निवासी ग्राम पननहां थाना गौरी बाजार ने मठिया माफी चौराहे पर 50 हजार की रंगदारी न देने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों अपराधियों को हत्या के अतिरिक्त गैंगस्टर एक्ट में पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोप है कि गौरी बाजार बस स्टेशन के समीप दुर्गेश विश्वकर्मा की प्रभात इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में पांच दिनों पूर्व एक युवक आया। उसने विवेक सिंह के नाम पर रंगदारी मांगी। युवक ने अपनी मोबाइल से किसी से बात कराई। उसने अपना नाम विवेक सिंह बताया और कहा कि शीघ्र ही उनकी जमानत होने वाली है।
दुकानदार से एक लाख देने की बात कहीं, दुकानदार ने कोरोना संक्रमण के चलते पैसा न होने की मजबूरी जताते हुए फोन काट दिया। दूसरे दिन व्यवसायी की तहरीर पर पुलिस ने शातिर अपराधी विवेक सिंह पुत्र मुन्ना सिंह उर्फ धनेश सिंह निवासी इंदुपर एवं एक अन्य के विरुद्ध रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कर लिया। मामला प्रकाश में आने के बाद जहां एसओजी जांच में जुटी है। वहीं जेल अधिकारियों ने विवेक सिंह से पूछताछ की। जहां उसने रंगदारी मांगने की घटना से इनकार कर दिया। इंस्पेक्टर अश्विनी राय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज द्वारा मोबाइल से बात कराने वाले युवक की तलाश की जा रही है शीघ्र ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि रंगदारी मांगने का मामला संज्ञान में आने के बाद विवेक से पूछताछ की गई। उसने इससे इंकार किया है। उसे सघन निगरानी में जेल में रखा गया है।
उधर, उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष रविंद्र जायसवाल ने बताया कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है हर कीमत पर इसका विरोध किया जाएगा।