गाय के गोबर से गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाएंगी महिलाएं
देसही देवरिया (देवरिया)। देसही देवरिया के बरवां मीरछापर गांव में सेवा भारती की ओर से बुधवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। इसमें स्थानीय महिलाओं को गाय के गोबर को उपयोग में लाने की कई विधि सिखाई गई। गाय के गोबर से महिलाएं लक्ष्मी, गणेश, और दीपावली के लिए बनाने का गुर सीख रही हैं।
मुख्य अतिथि क्षेत्र सेवा प्रमुख नवल किशोर ने कहा कि गो सेवा नारायण सेवा है। गो माता मानव जीवन के लिए अमूल्य हैं। गाय के गोबर का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। इसके प्रयोग से अपने घरों सहित पूरे समाज को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है। उद्यमी विभा पांडेय ने कहा कि महिलाओं को समूह बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने का सपना महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक करके पूरा किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के पहले दिन महिलाओं को दीपावली में छालर, झूमर और बाती आदि बनाने प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सुनीता कुशवाहा, मुन्नी देवी, माला देवी, कुसुम, सीमा कुशवाहा, माधुरी देवी, हिरावती देवी, मीरा देवी आदि मौजूद रहीं।