बरहज विधानसभा सीट : चक्रव्यूह भेदन में सफल रहे शाका
बरहज। विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार परचम लहराया है। इस बार सीट पर भाजपा प्रत्याशी दीपक मिश्र शाका सियासी चक्रव्यूह भेदने में सफल हुए हैं। हालांकि इस बार के चुनाव में भाजपा-सपा की सीधी लड़ाई थी।
बरहज विधानसभा सीट पहली बार 1967 में अस्तित्व में आई थी। सोशलिस्ट पार्टी के उग्रसेन सिंह को पहला विधायक बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। इस सीट पर सोशलिस्टों के अलावा तीन बार कांग्रेस, जबकि भाजपा, सपा, बसपा और निर्दल प्रत्याशी दो-दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 1991 के रामलहर में दीपक मिश्र के पिता और पूर्व मंत्री स्व.पंडित दुर्गा प्रसाद मिश्र ने बरहज में पहली बार कमल खिलाया था। इस बार चुनाव में जातीय समीकरण के कारण भाजपा की राह कठिन मानी जा रही थी। सपा ने 2017 में बसपा से दूसरे नंबर पर रहे मुरली मनोहर जायसवाल को इस बार चुनाव मैदान में उतारा था।
पहली बार भाजपा को मिले 85 हजार 758 मत
विधानसभा चुनाव के नतीजों पर गौर करें तो लंबे समय बाद भाजपा को 85 हजार 758 मत प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2007 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रेमप्रकाश सिंह को 23052 मत प्राप्त हुए। वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मिश्र पप्पू को 9291 मत से संतोष करना पड़ा। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुुरेश तिवारी जीतकर विधायक तो बन गए, लेकिन उन्हें 61,996 मतों से ही संतोष करना पड़ा था। इस बार शाका मिश्रा ने न केवल चुनाव जीता है, बल्कि भाजपा का ग्राफ भी विधानसभा में बढ़ाया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2007 के चुनाव में बसपा से राम प्रसाद जायसवाल (44,347) ने सपा के स्वामीनाथ (26485) को 17,862 मतों से पराजित किया था। भाजपा तीसरे स्थान पर रही। यहां से प्रत्याशी प्रेमप्रकाश सिंह को 23052 वोट प्राप्त हुए। 2012 में सपा के प्रेम प्रकाश सिंह (65,672) ने बसपा के रेनू जायसवाल (53,896) को 11776 मतों से पराजित किया। जबकि भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मिश्र पप्पू को 9291 वोट मिल सका। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुरेश तिवारी (61996) ने बसपा के मुरली मनोहर जायसवाल (50280) को 11716 वोटों के अंतर से पराजित किया था। सपा के पूर्णेंदु तिवारी 27761 मत ़पाकर तीसरे स्थान पर रहे। लेकिन, इस बार 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दीपक मिश्र 85,758 मत पाकर सपा के मुरली मनोहर जायसवाल (68897) को 16861 मतों से पराजित किया है। जबकि बसपा के विजय लाल साहब तिवारी 23,287 मत पाकर तीसरे और इंडियन नेशनल कांग्रेस के रामजी गिरी 2,079 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे।