कैश नहीं होने से सड़क जाम करती महिलाओं को समझाती पुलिस।
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सलेमपुर। नोटबंदी के बाद लगन में कैश की किल्लत बढ़ गई है। 20 दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहे लोगों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। नाराज लोगों ने बैंक में हंगामा किया और सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे। इससे दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। एक घंटे बाद पहुंची कोतवाली पुलिस ने जाम खत्म कराया।
इसके अलावा सलेमपुर तहसील क्षेत्र के एसबीआई के करीब छह बैंकों में कैश खत्म है। नोटबंदी में कैश के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। बीच में कुछ हद तक व्यवस्था में सुधार हुआ। लेकिन लगन शुरू होते ही बैंकों में दुबारा कैश की कमी हो गई है। एसबीआई बैंक के पुरैना शाखा में करीब 20 दिन से कैश नहीं है। प्रत्येक दिन बैंक पहुंच रहे लोगों को अगले दिन का आश्वासन देकर बैंककर्मी लौटा रहे है। गुरुवार को करीब 11 बजे बैंक कर्मचारियों ने नो कैश का बोर्ड लगाया।
यह देख लोग उग्र हो गए और बैंक में हंगामा करने लगे। लोगों का तेवर देख बैंककर्मी अपनी कुर्सी से हट गए। इसके बाद लोग बैंक के सामने देवरिया-सलेमपुर मुख्यमार्ग जाम कर दिया। नाराज लोगों ने बैंककर्मियों पर मनमानी का आरोप लगा रहे थे। सड़क जाम की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस लोगों को समझाकर 12 बजे जाम खत्म कराया। इसके बाद आवागमन चालू हुआ। वहीं लार, भटनी समेत छह एसबीआई बैंक की शाखाएं कैश की कमी से जूझ रही हैं।
इसको लेकर प्रत्येक दिन बैंकों में कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच तकरार हो रहा है। लेकिन अभी तक कैश से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो सका है। सलेमपुर एसबीआई के चीफ मैनेजर युवराज सिंह ने बताया कि एसबीआई बैंक की कई शाखाओं में कैश खत्म है। कब तक आएगा, इसका कोई भरोसा नहीं है।