देवरिया। जिले में निजी व अनधिकृत लेखकों/प्रकाशकों की पुस्तकों पर डीआईओएस ने रोक दिया है। गाइड की तरह बिक रही इन पुस्तकों की जगह एनसीआरटी आधारित उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों को पढ़ने पढ़ाने पर जोर है। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने कोशिशें शुरू कर दी हैं।
उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एनसीआरटी आधारित पुस्तकें परिषद ने तैयार करवा कर लागू किया है। परिषद द्वारा अधिकृत प्रकाशक इन पुस्तकों को उचित मूल्य पर बाजार में बेचते हैं।
लेकिन दुकानदार उप्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त पुस्तकों की जगह निजी प्रकाशकों की गाइडनुमा पुस्तकों को बेचने में अधिक रुचि रखते हैं। इससे छात्र छात्राओं को पढ़ाई में नुकसान उठाना पड़ता है।
साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. शुक्ल ने निजी लेखकों/प्रकाशकों की पुस्तकों को पढ़ाए जाने पर रोक लगा दिया है। इससे दो लाख से अधिक छात्र छात्राओं को सही पुस्तकों के माध्यम से पढ़ने का मौका मिलेगा। जीआईसी में लगा था पुस्तक मेला : उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा तैयार पुस्तकों की हर छात्र छात्राओं तक पहुंच हो सके, इसके लिए बीते 16 अप्रैल को राजकीय इंटर कालेज में पुस्तक मेले का आयोजन किया गया था। इसमें परिषद द्वारा पुस्तकों को बिक्री के लिए रखा गया था।