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बालिका गृह कांड में सीबीआई ने मोबाइल पर डीपीओ से ली जानकारी

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बालिका गृह कांड में सीबीआई ने मोबाइल पर डीपीओ से ली जानकारी
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जेजे एक्ट और बालिका गृह के संचालन के बारे में की पूछताछ
देवरिया धमक सकती है सीबीआई, एसआईटी से मिली है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने डीपीओ से मोबाइल पर बात कर घटना से जुड़ी जानकारी ली है। घटनाक्रम जानने के बाद जेजे एक्ट और आरोपी संचालक के संदर्भ में पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द सीबीआई टीम इस प्रकरण की जांच में फिर देवरिया आ सकती है।
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रेलवे स्टेशन रोड पर मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के निर्देशन में बालिका गृह का संचालन होता था। पालना घोटाले की जांच में संस्था का नाम आने के बाद इसकी मान्यता निलंबित कर दी गई थी। बावजूद संस्था में बालिकाएं व युवतियां रह रही थीं। पुलिस वाले भी नियमविरुद्घ लाकर यहां पर रख रहे थे। गत वर्ष पांच अगस्त की रात तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने बालिका गृह में छापेेमारी कर लड़कियों को मुक्त कराते हुए उनसे अनैतिक कार्य कराए जाने का दावा किया था। संचालिका गिरिजा, पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया था। महीनों तक मामला सुर्खियों में रहा। शासन ने एसआईटी जांच कराई तो कोर्ट ने सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा। पिछले माह सीबीआई ने प्रकरण की जांच शुरू करते हुए सभी जरूरी कागजात कोर्ट और एसआईटी से संपर्क कर लिया। अब डीपीओ से फोन पर सीबीआई के एक सदस्य ने घटना के बारे में अन्य जानकारी जुटाई है। बालिका गृह के संचालन, उसकी मान्यता, वहां से प्राप्त रजिस्टर व अन्य अभिलेखों के बारे में पूछताछ की। मान्यता स्थगित होने के बाद डीएम की ओर से जारी पत्र के बाद भी वहां लड़कियों को शरण दिलाने वाले पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी ली है। सीबीआई के हाथ लगा यह रजिस्टर बालगृह बालिका कांड की जांच में अहम भूमिका निभाएगा। डीपीओ प्रभात कुमार ने बताया कि सीबीआई के एक सदस्य का फोन आया था। प्रकरण के बारे में जानकारी उन्होंने ली और बहुत जल्द देवरिया आने की बात कही।
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