देवरिया। ट्रेन पर पथराव कर यात्रियों को चोट पहुंचाने के मामले में जेल में बंद गोरखपुर निवासी शंकर बांसफोर और विकास कुमार को सत्र न्यायालय से राहत मिल गई।
सत्र न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए एक-एक लाख रुपये की दो-दो जमानत और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। दोनों आरोपी 21 सितंबर से जिला कारागार में बंद थे।
अभियोजन के अनुसार, 20 सितंबर को दोपहर करीब 3:32 बजे ट्रेन संख्या 12565 के केएचएम-जीकेसी खंड में जीकेसी होम सिग्नल के पास पहुंचने पर पांच-छह युवक रेलवे लाइन के किनारे खड़े होकर ट्रेन पर लगातार पत्थर चला रहे थे।
पथराव में कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं। ट्रेन प्रबंधक कौशल कुमार की तहरीर पर जीआरपी देवरिया में अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के दौरान शंकर और विकास के नाम सामने आए।
बचाव पक्ष ने कहा कि दोनों निर्दोष हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन ने घटना की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत ने दोनों को प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहने, गवाहों को प्रभावित न करने, पता बदलने की सूचना देने और दोबारा अपराध न करने की शर्त पर जमानत दी।