देवरिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रवि यादव की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को धर्मांतरण प्रकरण के मुख्य आरोपी उस्मान गनी और उसके भाई इसराफिल की जमानत याचिका खारिज़ कर दिया।
शहर के रामलीला मैदान स्थित एसएस मॉल में पहले काम करने वाली मदनपुर क्षेत्र की एक युवती की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने देवरिया रामनाथ के वार्ड नंबर पांच निवासी उस्मान गनी, पत्नी तरन्नुम जहां अाैर भाई इसराफि, साले खुखुंदू क्षेत्र के बरडीहा लाला गांव निवासी गौहर अली पर उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम व 67 ए आईटी एक्ट आदि धाराओं केस दर्ज किया था। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी उस्मान गनी को 15 सितंबर को लखनऊ से गिरफ्तार किया था।
आरोपियों ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। इसका विचारण अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रवि यादव की कोर्ट के अधीन था। अभियोजन पक्ष ने बताया कि धर्मांतरण का यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जमानत मिलने से दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा होने की प्रबल संभावनाएं हैं। न्यायाधीश रवि यादव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद व सभी तथ्यों का अवलोकन करने के बाद उक्त धर्मांतरण के मामले में मुख्य आरोपी उस्मान गनी व उसके भाई इसराफिल की जमानत याचिका खारिज कर दिया। संवाद