देवरिया। पिछले दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में आए बदलाव और पुरवा हवा के कारण वातावरण में धूल के कणों की मात्रा बढ़ गई है। इसका असर यह हुआ कि शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 तक पहुंच गया, जो मध्यम से खराब श्रेणी की ओर संकेत करता है। अभी यह स्थिति दो से तीन दिन तक बनी रह सकती है। 15 तारीख को बूंदाबांदी के बाद ही इसमें सुधार की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में चल रही पुरवा हवा वातावरण में मौजूद धूल को ऊपर उठाकर हवा में फैला रही है। इसके कारण हवा में सूक्ष्म कणों (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय वातावरण में हल्की धुंध जैसी स्थिति महसूस की जा रही है। वाहन चलने वाले लोगों को धूल का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि हवा में धूल और प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा, एलर्जी और सांस की समस्या वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद रहेगा। उधर मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। यदि हल्की बारिश या तेज हवा चलती है तो वातावरण में मौजूद धूल के कण कम हो सकते हैं और हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव और हवा की दिशा में बदलाव के कारण जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से सावधानी बरतने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की अपील कर रहे हैं।