तरकुलवा। स्थानीय उपकेंद्र की मेन लाइन में सोमवार को अचानक एक बार फिर खराबी आ गई। इससे 150 गांवों की सात घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
नगर पंचायत समेत अन्य छोटे-बड़े कस्बों और गांवों की करीब पांच लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी से बेहाल होना पड़ा। बिजली कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब तीन बजे खराबी को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। 33/11 केवीए बिजली उपकेंद्र की मेन लाइन की आपूर्ति कुशीनगर जिले के कसया उपकेंद्र से होती है।
इससे उपकेंद्र पर लगे तरकुलवा, पथरदेवा, गढ़रामपुर और बंजरिया फीडरों के तरकुलवा, पथरदेवा, गढ़रामपुर, कंचनपुर, गुलहरिया, बंजरिया, महुआपाटन, सोनहुला रामनगर समेत दर्जनों कस्बों और लगभग 150 गांवों को बिजली आपूर्ति दी जाती है।
इधर कुछ दिनों से तापमान बढ़ने के साथ ही उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। कोई ऐसा दिन नहीं है जब मेन लाइन में खराबी, इंसुलेटर पंक्चर होने, लो वोल्टेज, ट्रिपिंग, एचटी-एलटी तारों के गिरने एवं उपकेंद्र पर लगे फीडरों में तकनीकी खराबी से आपूर्ति बाधित न होती हो।
रविवार को भी मेन लाइन में खराबी आ गई थी। इसके चलते उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। सोमवार की सुबह नौ बजे एक फिर मेन लाइन में खराबी आ गई।
इससे लोगों को फिर पूरे दिन उमस भरी गर्मी में बेहाल होना पड़ा। बिजली के बिना जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कस्बों के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान ठप हो गए।
घरों में लगे इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए। पानी की टंकियां सूख गईं। लोगों को पूरे दिन बाग-बगीचों में शरण लेनी पड़ी। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ी। ।
डॉ. इस्लाम, प्रमोद दुबे, शिवशंकर यादव, सरफराज अहमद, गोविंद चौहान, राजू जायसवाल ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।