देवरिया। जिले के सभी पांच तहसीलों में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 365 शिकायतें आईं, जिनमें से 28 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष 355 शिकायतों को निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के अफसरों को निर्देशित किया गया।
देवरिया सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने जनसुनवाई के दौरान एक राजस्व निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा एक राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सभी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आगाह किया कि धारा-24, धारा-116 तथा निर्विवाद वरासत प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी डॉ. अभिजीत आर शंकर सुबह 10 बजे ही तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर जनसुनवाई शुरू हुए। उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम बसडीला निवासी सीमा शर्मा ने अपनी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत प्रस्तुत की। डीएम ने तहसीलदार को पुलिस के साथ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम सिरजम निवासी रामानंद यादव ने धारा-24 के आदेश के बावजूद भूमि पर कार्य कराने से रोके जाने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम अरईपार निवासी बसंत यादव ने अपनी भूमिधरी की जमीन के अभिलेख में पिता का नाम त्रुटिपूर्ण दर्ज होने की शिकायत प्रस्तुत की, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पथरदेवा निवासी प्रेमलता ने अपनी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर तहसीलदार एवं थाना प्रभारी तरकुलवा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने राजस्व निरीक्षकों की धारा-24 एवं धारा-116 से संबंधित पंजिकाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा धारा-116 का आदेश एक वर्ष पूर्व पारित होने के बावजूद उसका अनुपालन न कराए जाने की शिथिलता पाए जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। वहीं विशुनपुरा बाजार के तत्कालीन लेखपाल एवं वर्तमान राजस्व निरीक्षक उपेंद्र प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
डीएम ने नायब तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे लेखपालों एवं कानूनगो के कार्यों की नियमित समीक्षा करें।