इसी काली चार पहिया गाड़ी से अपहरण किए जाने की चर्चा थी. अपृहत युवक आयुष सिंह
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महुआडीह थानाक्षेत्र के बलटिकरा चौराहा से सोमवार की शाम को दिनदहाड़े आयुष सिंह को अपहरणकर्ताओं ने मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे के करीब गोरखपुर के पैडलेगंज में छोड़ दिया। ऑटो में बैठने के बाद आयुष ने ऑटो चालक के मोबाइल फोन से अपने जीजा और घर वालों को मामले की जानकारी दी।
आयुष का फोन आने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजन पुलिस को इस बात की सूचना दिए। कुसुम्मही जंगल में ऑटो से आ रहे आयुष को अपने साथ लेकर महुआडीह चौकी पर पहुंचे। एसओजी सहित पुलिस आयुष से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, आयुष के अपहरण की साजिश एक समय उसके साथ रहने और उसके रुपयों पर मौज करने वाले अपनों ने ही रची है। आयुष के करीबियों ने ही रूपये की लालच में अपहरण किया। लेकिन, पुलिस ने परिजनों को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की तो अपहरणकर्ताओं ने आयुष को अपने चंगुल से मुक्त कर दिया।
आयुष की पिछली गतिविधियों को देखकर इस सवाल को भी बल मिल रहा है कि हो सकता है कि आयुष ने ही स्वयं अपने अपहरण की साजिश रची हो। गलत तरीकों से बेशुमार अर्जित किया गया धन अब आयुष के गले की फांस बन गया है। बहरहाल देखना होगा कि इस सनसनीखेज अपहरण के पीछे के कहानी का पुलिस किस तरह खुलासा कर रही है।