मलेरिया से बचाव के लिए जागरुकता जरूरी : सीएमओ
देवरिया। विश्व मलेरिया दिवस पर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें मलेरिया से बचाव, इलाज और जागरुकता कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि विश्व मलेरिया दिवस मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए प्रेरित करता है। इसे मनाने का उद्देश्य है कि लोगों को जागरूक कर मलेरिया के प्रकोप से बचाया जा सके। इस कोशिश में मलेरिया विभाग केवल कामयाब हो रहा है। हर साल मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मलेरिया बचाव का सबसे बेहतर उपाय है कि पूरे बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, मच्छररोधी क्रीम लगाएं, घर में मच्छररोधी अगरबत्ती का इस्तेमाल करें। घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें, खुली नालियों में मिट्टी का तेल डालें, जिससे मच्छर के लार्वा न पनपने पाए, मच्छरों के काटने के समय शाम व रात को घरों और खिड़कियों के दरवाजे बंद कर लें। कहा कि लक्षण दिखे तो मलेरिया की जांच कराकर इलाज करवाएं। एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले चार-पांच सालों में मलेरिया के केस में काफी कमी आई है। वर्ष 2018 में नौ केस, 2019 में नौ, 2020 में तीन केस, 2021 में दो केस मलेरिया के मिले। वर्ष 2022 में अब तक कोई केस नहीं मिला है। कहा कि मलेरिया के मरीजों की संख्या में और कमी लाने के लिए विभाग रैली निकालकर, पर्चा बांटकर, आशाओं की मदद से जनजागरुकता कार्यक्रम चलाकर, स्कूलों में मलेरिया के बारे में बताकर जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। फॉगिंग कराने से लेकर नालियों में एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी आरएस यादव ने कहा कि घर के आस-पास बरसात का पानी जमा न होने दें। कूलर में पानी बदलते रहें, टायर-ट्यूब में पानी इकट्ठा न होने दें। घर के छज्जे पर भी बरसात का पानी जमा न रहने दें। बरसात के पानी में मादा मच्छर एनोफिलीज पनपता है, जिसके काटने से मलेरिया जैसा संक्रामक रोग फैलता है। इस दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि, हसमतुल्लाह खान, पाथ के जिला कोआर्डिनेटर डॉ. पंकज, डॉ. विपिन रंजन आदि मौजूद रहे।
ग्राम सिंगही में भी हुई गोष्ठी
आरोग्य भारती के तत्वावधान में सदर ब्लाक के ग्राम सिंगही में भी गोष्ठी हुई। डॉ. अजीत मिश्र, शुकदेव त्रिपाठी, डॉ. आकांक्षा गुप्ता, योगाचार्य मधु मिश्रा, दीप्ति मिश्रा, डॉ. जागृति सिंह, विकास चौहान, स्वामी मिस्त्री, पंकज कुमार चतुर्वेदी, विकास कुमार उपाध्याय, गोविंद कुशवाहा, सरिता पांडे, अंजली कुमारी, रुद्रांश कुमार आदि मौजूद रहे।
‘माटी की सेहत के लिए खेत में उगाएं ढैंचा’
संचारी रोग से बचाव के लिए किया गया जागरूक
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। नकइल गांव में कृषि विभाग की ओर से सोमवार को कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसानों को तकनीकी खेती की जानकारी दी गई। उन्हें माटी की सेहत बनाने के लिए कई उपाय सुझाए गए। गोष्ठी में संचारी रोग और कोरोना से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
एडीओ एजी धमेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि में तकनीकी और सहायता पर जोर दे रही है। किसानों को केसीसी के तहत कम ब्याज पर लोन मिल रहा है। किसानों को अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की सेहत पर विशेष ध्यान देना होगा। मिट्टी की सेहत परखने के लिए हर ब्लाक में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाई गईं हैैैं। यहां किसान अपनी मिट्टी की जांच कराकर उसके सेहत को ठीक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के पहले खेत में ढैंचा उगाकर मिट्टी को उपजाऊ बनाया जा सकता है। यह हरा पौधा पोषक तत्वों से भरा होता है। यह सड़कर खेत में हरी खाद बन जाता है। ढैंचा का बीज सरकारी बीज गोदामों पर उपलब्ध है। एडीओ पीपी सतीश मौर्य ने स्क्रब टाइफस से फैलने वाले बुखार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को फैलाने में चूहा और छछूंदर वाहक का काम कर रहे हैं। बीमारी से बचने के लिए सफाई पर विशेष ध्यान देने और चूहा-छछूंदर को नियंत्रित करने की जरूरत है। गोष्ठी में फसल बीमा योजना, संचारी रोग नियंत्रण और कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर अभिषेक कुमार तिवारी, विनय सिंह, वीरेंद्र पांडेय, मुन्ना गुप्ता, रजनीश, सुमीत, राहुल, सुरज, जयवीर, रामकृष्ण मिश्र आदि मौजूद रहे।
कृषि विभाग ने गांवों में लगाई चौपाल
बरहज। स्थानीय राजकीय कृषि विभाग के कर्मचारियों ने चूहा-छछूंदर नियंत्रण अभियान के तहत सोमवार को गांवों में चौपाल लगाई। केंद्र प्रभारी राधेश्याम के नेतृत्व में पैना, कोटवां, बढ़या हरदो, टंड़िया, खेरियां आदि गांवों में स्क्रब टायफस बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी के बारे में अवगत कराया गया। उनका कहना था कि जीव-जंतु नाली आदि के जरिए घरों में प्रवेश करते हैं। जिनके शरीर पर वैक्टीरिया चिपके होते हैं। संपर्क में आने पर बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। घरों और आसपास साफ-सफाई रखते हुए गंदा पानी न जमने दें। इस दौरान रविप्रकाश सिंह, पदमाकर मिश्र, अशोक कुमार, बिजेंद्र प्रताप, अजय सिंह, चंदन कुमार, ललित कुमार, अनूप, राजेश कुमार, घनश्याम सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।