घरों में छिड़काव से होगा कालाजार पर प्रहार
प्रतापपुर/बनकटा। कालाजार से बचाव के लिए जिले के आठ ब्लाकों में करीब 24,224 घरों में आईआरएस (अंदुरूनी अवशिष्ट छिड़काव) होगा। इससे एक लाख की आबादी को सुरक्षित किया जाएगा।
इसके लिए शनिवार को सीएचसी बनकटा पर स्वास्थ्य कर्मियों और मजदूरों को प्रशिक्षित किया गया। छिड़काव 15 फरवरी से होगा। छिड़काव के लिए एक टीम में छह सदस्य होंगे। डब्ल्यूएचओ के जोनल को-आर्डिनेटर डॉ. सागर घोडेकर ने छिड़काव के बारे में तकनीकी तथा घोल बनाने के बारे में जानकारी दी। छिड़काव के तौर-तरीके के बारे में भी बताया। छिड़काव के लिए डेमो भी कराया।
उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित रोग नियंत्रण के लिए अल्फा साईपर मेथरीन पांच प्रतिशत दवा का छिड़काव कराया जाएगा। उन्होंने कालाजार के लक्षण और बचाव के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान पाथ संस्था के डॉ. ज्ञान, एमओआईसी डॉ. मनीष सहित आशा कार्यकर्ता एवं संगिनी भी मौजूद रहे।
इन ब्लाकों में होगा छिड़काव
बनकटा 12633 घर
पथरदेवा 3035 घर
भटनी 1516 घर
भाटपाररानी 4870 घर
बैतालपुर 838 घर
देसही देवरिया 304 घर
भलुअनी 658 घर
लार 370 घर
बालू मक्खी से फैलती है बीमारी
देवरिया। कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। वेक्टर बार्न परार्मशदाता डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि बालू मक्खी नमी वाले स्थानों व अंधेरे में पाई जाती है। इस मक्खी के काटने से मरीज बीमार हो जाता है। उसे रूक-रूक कर बुखार चढ़ता-उतरता है। इस बीमारी से मरीज का पेट फूल जाता है। भूख कम लगती है। शरीर काला पड़ जाता है। लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए। मलेरिया विभाग को रिपोर्ट करने से जल्दी नि:शुल्क इलाज होता है।