देवरिया। ठंड और शादी व पार्टी में भोजन करने में संयम बरतने की जरूरत है। ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन करने से सेहत पर असर पड़ रहा है। गरिष्ठ भोजन करने से लोगों को अपच के अलावा पेट में दिक्कत हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना करीब 80 से 90 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
लगन का समय चल रहा है। वहीं ठंड भी बढ़ गई है। हर रोज शादी, पार्टी में शामिल होकर लोग तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। गरिष्ठ व मसालेदार भोजन व खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। इसका लगातार अधिक सेवन करने से लोगों के पेट में दिक्कत हो रही है। बदहजमी, पेट फूलने व पेट साफ न होने सहित अन्य समस्याएं आ रही हैं। इसे लेकर लापरवाही बरतनी भारी पड़ सकती है। कुछ लोगों को हर्ट की समस्या भी हाे रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां हर रोज औसतन करीब चार सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिसमें इन दिनों करीब 80 से 90 मरीज पेट की समस्या से संबंधित होते हैं। डॉक्टर मरीजों को दवा देने के अलावा खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष, डॉ. सराजुद्दीन ने कहा कि ठंड बढ़ी है और शादी का मौसम चल रहा है। इन दिनों गरिष्ठ भोजन कम करना चाहिए। अधिक सेवन करने से पेट की समस्या होती है। ठंड में मेटोबोलिक रेट कम हो जाता है। इसकी वजह से पाचन क्रिया में एनर्जी अधिक लगती है। ठंड में आलस्य और कम पानी पीने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। अधिक तेल, मसाला और तली चीजों के खाने से ठीक से पचता नहीं है और अपच हो जाता है। पेट फूल जाता है, डकार आने लगती है। बार-बार शौच जाने के बाद भी पेट साफ नहीं होता है। इसके अलावा लीवर कमजोर और फैटी हो सकता है। लापरवाही करने पर परेशानी बढ़ जाती है और आंत में दिक्कत हो जाती है। कोलेस्ट्राल भी बढ़ सकता है, जिससे हर्ट की समस्या भी हो सकती है। इन दिनों खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। थोड़ी सी दिक्कत होने पर डॉक्टर से संपर्क कर उनकी सलाह पर दवा लेनी चाहिए।