देवरिया/भटनी। गोरखपुर-छपरा रेलखंड पर नूनखार से भाटपाररानी रेलवे स्टेशन के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के विस्तार और ट्रायल का कार्य सोमवार को सफलता पूर्वक पूरा हो गया। मंगलवार से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। कार्य के चलते सोमवार को शहीद एक्सप्रेस समेत 10 ट्रेनें दो से साढ़े सात घंटे विलंब से देवरिया सदर और भटनी जंक्शन पहुंचीं। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लखनऊ-गोरखपुर-छपरा रेलखंड पर ट्रेनों की गति बढ़ाने और यात्री सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है।
इस सिस्टम के लागू होने से ट्रेनों के संचालन में सुधार के साथ दो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।
रविवार और सोमवार को नूनखार, भटनी जंक्शन और भाटपाररानी के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम की नेटवर्किंग और ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोककर चलाया गया।
इसके चलते अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस करीब साढ़े सात घंटे, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, गोमतीनगर-कामाख्या एक्सप्रेस तीन घंटे, वाराणसी-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, आनंद विहार-सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस दो घंटे, मऊ-छपरा पैसेंजर ढाई घंटे, पाटलिपुत्र-लखनऊ एक्सप्रेस दो घंटे, सहरसा-अमृतसर गरीब रथ दो घंटे, काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस दो घंटे और सीतामढ़ी-आनंद विहार एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से देवरिया सदर और भटनी जंक्शन पहुंचीं।
ट्रेनों के घंटों विलंब से पहुंचने के कारण देवरिया सदर और भटनी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्री परेशान रहे। यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में काफी समय तक प्लेटफार्म पर रहना पड़ा। भटनी के स्टेशन अधीक्षक मनोज पांडेय ने बताया कि नूनखार से भाटपाररानी रेलवे स्टेशन के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का ट्रायल सफल रहा है।