बरियारपुर। रामपुर कारखाना ब्लॉक के गुददीजोर गांव में रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत नारी सशक्तीकरण विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नारी सशक्तीकरण का सबसे प्रमुख माध्यम शिक्षा है। गांव की महिलाएं इसके प्रति जागरूक हुई हैं। अब लोग बच्चों खासकर लड़कियों को को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर भेजने से परहेज नहीं करते। विभिन्न पदों पर गांव की लड़कियों का चयन होना इसका प्रमाण है। इस जागरूकता को आगे भी कायम रखने की जरूरत है। मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य बेनीमाधव पांडेय ने महिलाओं को मतदान की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं के लिए चलाई जा रहीं हेल्पलाइन नंबर 1098, 1090,181 व यूपी100 की विस्तृत जानकारी भी दी। विशिष्ट अतिथि त्रिवेणी गोड़ ने कहा कि अपराजिता अभियान से महिलाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अपराजिता वे होती हैं, जो कभी हारतीं नहीं। इस दौरान कृष्णा विश्वकर्मा, आशुतोष विश्वकर्मा, अनिल गोड़, अमरनाथ गोड़, भोलू गोड़, आदित्य गोड़, दिनेश गोड़, रूबी, पानमती, इंदु, गीता, अंशु, रुमाली, शिल्पी आदि मौजूद रहीं।
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प्रतिक्रिया
आयोजित होते रहें ऐसे कार्यक्रम
रिशु गोड़ ने कहा कि कार्यक्रम में बेटियों को अधिकारों की जानकारी दी गई। अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं के प्रति समाज के सोच को सकारात्मक बना रहा है। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
- रिशू गोंड़।
बेटियों का बढे़गा हौसला
अपराजिता अभियान से बेटियों के हौसला बढ़ेगा। वे अपने फैसले खुद लेंगी और आगे बढ़ेंगी। यह कार्यक्रम नारी सशक्तीकरण के क्षेत्र में वरदान साबित होगा।
- अनिता गोंड़।
समाज का नजरिया बदलना होगा
नारी सशक्तीकरण तभी हो पाएगा जब समाज अपना नजरिया बदले। जिन बेटियों को सामाजिक बेड़ियों से मुक्ति मिली उनके हौसले आसमान छू रहे हैं।
- सावित्री देवी।
महिलाओं को अधिकार समझना होगा
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। गांव में कोई महिला डीएम आए तो सभी सम्मान करेंगे, लेकिन खुद की बेटी डीएम बनना चाहे तो उसकी शिक्षा में बाधा बन जाएंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए।
- नव्या पांडेय।
फोटो समाचार
महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति को जागरूक करने और मतदान में अपने अधिकार का प्रयोग बिना भय के करने का संकल्प लिया। इस दौरान 24 महिलाओं ने शपथ पत्र भरा। रविवार को नगर के सहकारी बैंक के समीप आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. निशा तिवारी ने कहा कि महिलाएं अपने हक व अधिकार का इस्तेमाल करें। चुनाव में निर्भय होकर अच्छे उम्मीदवार का चुनाव करें। वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशिकांत तिवारी ने कहा कि महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत है। इस दौरान संतोष कुमार चौधरी, हेमलता, रिंकी पांडेय, रीना देवी, पूनम देवी, प्रियंका तिवारी, निहारिका तिवारी, पूजा तिवारी, बिंदु देवी, सुमन मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
महिलाओं ने कहा
छात्रा अविका चौधरी ने कहा कि देश में जगह-जगह महिलाओं पर अत्याचार होने की खबर मिलती रहती है। इसलिए महिलाओं को महिला सशक्तीकरण के लिए प्रेरित करना होगा, तभी महिलाओं को उन पर होने वाले अत्याचारों से मुक्ति मिल सकेगी।
सुनीता चौधरी ने कहा कि महिलाएं घर की चौखट से बाहर निकलें और समाज की गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाएं। महिलाओं को सशक्त होने से घर परिवार के अलावा क्षेत्र और देश मजबूत होगा। उनके अनुभव का लाभ महिलाओं को मिल सकेगा।
बीटीसी छात्रा प्रीती भारती ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा के मामले में पुरुषों से आगे बढ़ रहीं हैं। गांवों में भी महिलाएं शिक्षा में पीछे नहीं हैं। लेकिन आज भी महिलाओं को शाम को निकलने में भय रहता है। काननू व्यवस्था को सुधारना जरूरी है।
पूनम देवी ने कहा कि शिक्षा के साथ महिलाओं को स्वावलंबी बनने की जरूरत है। महिलाएं कंप्यूटर से लेकर तमाम जगहों अपने हुनर का जलवा विखेर रहीं हैं। गांव में भी छोटे-मोटे उद्योग स्थापित कर अपने परिवार के लिए आय का प्रबंध कर सकती हैं।