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महिलाए आत्म निर्भर होंगी तो बनेगी सशक्त

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राम लाल त्रिपाठी महाविद्यालय में पुलिस पाठशाला को सम्बोधित करते खुखुन्दू एसओ - फोटो : SALEMPUR
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फोटो समाचार...
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‘महिलाएं आत्मनिर्भरता से बनेंगी सशक्त’
रामलाल त्रिपाठी पीजी कॉलेज पिपरा शुक्ल में पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
पड़री बाजार। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से बुधवार को रामलाल त्रिपाठी पीजी कॉलेज पिपरा शुक्ल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। छात्राओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाते हुए उन्हें खुद को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस की मदद लेने का आह्वान किया गया।
मुख्य अतिथि खुखुुंदू एसओ श्यामलाल यादव ने कहा कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तत्पर रहती है। आज के लोग जागरूक हैं। सही समय पर सही निर्णय लेना चाहिए। सभी को समाज के लिए जागरूक होना चाहिए। लड़का-लड़की का भेद करना कानूनन अपराध है। इसे रोकने की आवश्यकता है। बेटियां, बेटों से कहीं कम नहीं हैं। अमर उजाला का यह प्रयास काफी सराहनीय है। इससे लोग और जागरूक होंगी। प्रबंधक डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना समाज का लक्ष्य होना चाहिए। बेटियों को जब तक शिक्षित नहीं किया जाएगा तब तक यह संभव नहीं है। बच्चियों के अंदर अपार प्रतिभा छिपी है, बस उसे निखारने की आवश्यकता है। खेल, सेना जैसे क्षेत्रों मेें अपना परचम लहरा रही हैं। प्राचार्य डॉ. जितेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास निश्चित तौर पर बेटियों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा। हम सभी को गर्व है कि बेटियां आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान डॉ. अश्वनी तिवारी, डॉ. संजय यादव, धीरेंद्र यादव, श्यामसुंदर यादव, डॉ. ओमप्रकाश यादव, सुशील मिश्र, दिव्या त्रिपाठी, तारकेश्वर तिवारी, दिलीप गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, पुरुषोत्तम मिश्र आदि मौजूद रहे।
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बोली छात्राएं....
हमें अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए साहस जुटाना होगा। समय पर महिलाएं अपने पर्स और बैग में रखी किसी भी वस्तु को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार बना सकती हैं।
- सोनी मौर्य।
महिलाओं को मनचलों से डरने की जरूरत नहीं है। पर्स, पेन को हथियार बनाकर वह उन्हें जवाब दे सकती हैं। महिलाओं को अधिकारों की भी जानकारी होनी चाहिए।
-शिल्पी यादव।
अभियान महिला की सुरक्षा के लिए सार्थक पहल है। इससे महिलाओं एवं छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह चुनौतियों से लड़ने के लिए खुद सक्षम बनेंगी।
-बबिता।
महिलाओं को अपना आत्मबल मजबूत करने की जरूरत है। मदद के लिए तमाम साधन हैं, मगर जागरूकता के अभाव में हम उसका इस्तेमाल करने में संकोच करते हैं।
-ज्योति कुमारी।
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