रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा नदी के कोप से भयभीत कछार में पिंडरा- भुसवल बांध पर संवेदनशील स्थलों पर हो रहे कटान को रोकने के लिए चल रहा निरोधात्मक कार्य पूरा हो गया हैं। इससे 64 गांवों को बाढ़ से बचाव होगा। इन गांवों हर साल फसलें बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ जाया करती थीं।
क्षेत्र के पांच किलोमीटर लंबे तटबंध पर पिडरी और भुसवल गांव के पास भीषण कटान हो रहा था। कटान रोधी परियोजना के तहत दोनों कटना स्थलों पर जियो टैगिंग से तटबंध का पिचिंग कराया गया। कटान स्थलों का कायाकल्प हो जाने से बाढ़ प्रभावित कछार के 64 गांव में बाढ़ का खतरा कम हो गया है। गोर्रा नदी के भीषण कटान करने से तटवर्ती गांवों के अस्तित्व पर खतरा बना हुआ था।
पिड़री गांव निवासी रामसजीले ने कहा कि यहां गोर्रा नदी वर्ष 1998 से ही कटान कर रही है। गांव के लोगों की कई मकान कट कर नदी में विलीन हो चुकी हैं। कटान रोधी कार्य पूरा हो जाने से पूरे गांव को सुकून मिला है। वीर बहादुर ने कहा कि पिडरी और भुसवल में हर साल तटबंध के कटने का खतरा बना रहता है।
गांव की चांदमती, जोगिंदर, राकेश विनोद आदि ने कहा कि काटन निरोधक कार्य काफी उपयोगी साबित हो रहा है। कुछ किसानों को मुआवजा मिल गया है बाकी किसान अपना भू अभिलेख जमा कर रहे हैं।