देवरिया। बिहार बार्डर से सटे इलाकों में पशु तस्करों ने किराए के कमरे लेकर अपना डेरा जमा लिया है। स्थानीय लोगों की नजर में ये आम किराएदार नजर आते हैं। चार दिन पहले खामपार इलाके में पकड़े गए पशु तस्करों की पूछताछ में पता लगा कि तस्करों ने देवरिया जिले में विभिन्न चौराहों पर किराए का कमरा ले रखा है।
चर्चा है कि बघौचघाट के आसपास भी कई जगह छोटे-छोटे चौराहों पर बिहार के लोग किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। देवरिया जिले का पूर्वी छोर बिहार के गोपालगंज जिले से सटा है। इस इलाके में कई गांव ऐसे हैं, जहां यूपी-बिहार के बीच केवल रास्ते या नहर-नाले का ही अंतर है। आवागमन आसान होने का फायदा उठाते हुए बिहार के तस्करों ने देवरिया जिले के इन छोटे-छोटे चौराहें पर किराए का कमरा लेकर अपना अड्डा जमा लिया है। उनका सामान्य आवागमन दोनों तरफ रहता है। इस दौरान वे सुरक्षित रहकर इलाके में अपनी अवैध गतिविधियां संचालित करते हैं। खामपार क्षेत्र में पांच दिन पहले पकड़ी गई पिकअप का महिला मालिक भी बिहार की रहने वाली है। पूछताछ में सामने आया कि भिंगारी बाजार में किराए का कमरा लेकर रहती थी।